Retail Sugar Prices : त्योहारी मौसम की शुरुआत के साथ ही आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ने लगा है। देश के खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली है। बुधवार को चीनी की खुदरा कीमतें 1 रुपये से ज्यादा बढ़कर 65.05 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गईं। उपभोक्ता मामलों के विभाग (मूल्य निगरानी प्रभाग) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को यह रेट 63.97 रुपये प्रति किलो थी। त्योहारों के कारण अचानक बढ़ी मांग और पिछले दिनों हुई सट्टेबाजी की वजह से दामों में यह उछाल आया है। बुधवार को देश में चीनी का अधिकतम बिक्री मूल्य 76 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जबकि मॉडल दर 65 रुपये प्रति किलो रही। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पिछले कुछ हफ्तों में चीनी की कीमतों में भारी उछाल आया है।
त्योहारों से पहले बढ़ी चीनी की मिठास की कीमत
एक महीने में 34 प्रतिशत तक महंगी हुई चीनी
- एक महीने पहले:- चीनी की औसतन खुदरा कीमत 48.68 रुपये प्रति किलो थी, जिसकी तुलना में वर्तमान कीमतें 34 प्रतिशत अधिक हैं।
- एक साल पहले:- पिछले साल इसी अवधि में चीनी 46.27 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रही थी, जिसके मुकाबले अभी कीमतें 41 प्रतिशत ज्यादा हैं।
- थोक बाजार की स्थिति:- थोक बाजार में भी कीमतें बढ़ी हैं। बुधवार को थोक दर मामूली रूप से बढ़कर 60.36 रुपये प्रति किलो हो गई, जो एक महीने पहले 45.34 रुपये और एक साल पहले 43.02 रुपये प्रति किलो थी।
सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात को दी मंजूरी
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी है। साथ ही सट्टेबाजी और जमाखोरी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के अनुसार, इन फैसलों के बाद मिल-गेट (कारखाने की) कीमतों में करीब 18 से 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले सप्ताह मिल-गेट कीमतें रिकॉर्ड 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं, जो अब घटकर 55 रुपये प्रति किलो पर आ गई हैं। हालांकि, मिल स्तर पर कीमतें घटने का असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने में थोड़ा समय लग रहा है और खुदरा स्तर पर दरें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं।
गन्ने की फसल प्रभावित होने से घटा उत्पादन का अनुमान
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक भारतीय चीनी एवं जैव-उर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) के अनुसार, इस साल खराब मौसम और कीटों के हमले के कारण गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। शुरुआत में मार्केटिंग वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) में 345 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया था, जिसे बाद में घटाकर 309 लाख टन कर दिया गया। कुल 309 लाख टन उत्पादन में से करीब 30 लाख टन चीनी का इस्तेमाल एथनॉल बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे शुद्ध चीनी उत्पादन 279 लाख टन रहने की उम्मीद है।
50 लाख टन के शुरुआती स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद थी, लेकिन घरेलू मांग (280-285 लाख टन) और 8 लाख टन के शुरुआती निर्यात के बाद सितंबर के अंत तक बचा हुआ स्टॉक (क्लोजिंग स्टॉक) करीब 35 लाख टन रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में आयातित चीनी के बाजार में पहुंचते ही खुदरा कीमतों में राहत मिलने की संभावना है।
