ट्रेनों के रियल टाइम लोकेशन जानने के लिए अब भारतीय रेलवे (Indian Railways) सेटेलाइट की मदद लेने की तैयारी कर रही है। इसरो (ISRO) की मदद से ट्रेन के इंजन के एक खास तरह की डिवाइस लगाई जा रही है, जिसमें ट्रेनों की रियल टाइम लोकेशन की जानकारी ली जा सकती है। मौजूदा समय में रेलवे के करीब 4हजार से ज्यादा रेल इंजनों में ये डिवाइस लगाई जा चुकी है। आने वाले 15 महीनों के भीतर बाकी के भी करीब 4500 रेल इंजनों में यह डिवाइस लग जायेगी।
ट्रेनों के रियल टाइम लोकेशन जानने के लिए सेटेलाइट की ली जाएगी मदद (फोटो- Pixabay)
होगी सुविधा
पहले ट्रेनों की जानकारी दो स्टेशनों के कंट्रोल रूम के सहारे मिलती थी। जिसकी वजह से कई बार रियल लोकेशन नहीं मिल पाती थी। अब आपदा हो या यात्रियों की जानकारी के लिए ट्रेनों की रियल टाइम लोकेशन, इस डिवाइस की मदद से प्रति 3 सेकेंड के अंतर पर अपडेटे के साथ उपलब्ध होगी।
क्या है रेलवे की तैयारी
CRIS के एमडी दिनेश सिंह ने बताया कि रेलवे अपने ऑपरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रही है। जिससे रेलवे के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा और कमाई में भी बढ़ोतरी की जा सके। हाल ही में रेलवे ने टिकट की बुकिंग और कोटे के निर्धारण में AI के प्रयोग से 22 फीसदी ज्यादा बुकिंग की है। मसलन यात्रियों की मांग को देखते हुए पहले से तय सीटों के कोटे में फेरबदल की गई। जिससे बुकिंग ज्यादा मिल सके। इसके अलावा रियल टाइम लोकेशन की मदद से खाली पड़े ट्रैकों पर माल ढुलाई कर अधितकम कमाई भी हो सकेगी।
मेगा प्लान
अब आने वाले समय में रेलवे अपने सभी सर्विसेज और पब्लिश इंटरफेस के लिए एक मेगा ऐप बना रही है, जिससे एक ही ऐप में सभी तरह की सुविधाओं का फायदा उठाया जा सके। इसमें ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी के ऐप से लेकर रियल टाइम लोकेशन डेटा, खानपान बुकिंग से लेकर पार्सल बुकिंग तक शामिल होगा। मौजूदा समय में इन सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप या वेबसाइट पर जाना पड़ता है।
