RBI का बड़ा कदम: विदेशी निवेश के लिए आएगा नया नियम, FDI-FPI को लेकर बदलेगा ढांचा

RBI ने विदेशी निवेश के लिए नया एकीकृत नियम प्रस्तावित किया है। इसमें FDI-FPI नियम, निवेश प्रक्रिया, पात्र संस्थाओं और विदेशी लिस्टिंग से जुड़े प्रावधानों को सरल और स्पष्ट किया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में विदेशी निवेश को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए एक नए नियमों के ढांचे का प्रस्ताव रखा है। RBI ने विदेशी निवेश से जुड़े मौजूदा 7 साल पुराने नियमों की जगह एक नया एकीकृत फ्रेमवर्क लाने की तैयारी की है। इसके तहत कंपनियों, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) और निवेश से जुड़े अन्य संस्थानों में आने वाले विदेशी निवेश को एक ही नियम के तहत नियंत्रित किया जाएगा। RBI ने मंगलवार को Foreign Exchange Management (Foreign Investment) Rules, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। यह नया नियम मौजूदा Foreign Exchange Management (Non-Debt Instruments) Rules, 2019 की जगह लेगा। नए नियमों का उद्देश्य विदेशी निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना, नियमों में स्पष्टता लाना और निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।

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विदेशी निवेश के नियमों में बदलाव

एक ही नियम के तहत आएगा विदेशी निवेश

नए ड्राफ्ट नियमों में विदेशी निवेश से जुड़े कई प्रावधानों को एक जगह शामिल किया गया है। इसमें निवेश पाने वाली संस्थाओं की पात्रता, विदेशी नियंत्रण वाली कंपनियों, निवेश के रास्ते, सेक्टर लिमिट, कीमत तय करने के नियम और विदेशी स्टॉक एक्सचेंजों पर भारतीय कंपनियों की डायरेक्ट लिस्टिंग से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। RBI ने कहा है कि इन नियमों को लागू करने और निगरानी की जिम्मेदारी केंद्रीय बैंक की होगी। वहीं विदेशी निवेश नीति से जुड़े मामलों की व्याख्या का काम पहले की तरह उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के पास रहेगा।

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