Digital Rupee with UPI: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) प्रस्तावित केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के क्यूआर कोड को यूपीआई भुगतान प्रणाली के साथ संचालित करने की योजना पर काम कर रहा है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि केंद्रीय बैंक ने इस महीने के अंत तक ई-रुपये यानी सीबीडीसी के उपयोगकर्ताओं की संख्या को 10 लाख तक पहुंचाने की योजना भी बनाई है।
भारतीय रिजर्व बैंक
हो चुकी हैं ये पहल
इसके साथ ही शंकर ने कहा, "आरबीआई ने सीबीडीसी के क्यूआर कोड को एकीकृत भुगतान प्रणाली (यूपीआई) के साथ समायोजित करने की भी योजना बनाई है।"
रिजर्व बैंक ने पिछले साल डिजिटल रुपये के इस्तेमाल को लेकर पायलट परीक्षण किया था। शुरुआती दौर में सीबीडीसी के थोक इस्तेमाल का परीक्षण किया गया था और बाद में खुदरा उपयोग को भी परखा गया।
आम उपयोग को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं
रिजर्व बैंक चाहता है कि लोगों के बीच भुगतान के लिए बेहद लोकप्रिय हो चुके यूपीआई मंच का इस्तेमाल वह सीबीडीसी के क्यूआर कोड के लिए भी करे। हालांकि शंकर ने कहा कि आरबीआई ने सीबीडीसी के आम उपयोग को लेकर कोई समयसीमा नहीं तय की है और इस दिशा में क्रमिक रूप से आगे बढ़ा जाएगा।
खुदरा डिजिटल रुपया : यह क्या है?
सीबीडीसी-रिटेल के लिए पहले पायलट की घोषणा 1 दिसंबर, 2022 को की गई थी। इसे रिटेल डिजिटल रुपी के रूप में भी जाना जाता है, यह डिजिटल मोड में विश्वास, सुरक्षा और निपटान की अंतिमता जैसी भौतिक नकदी की सुविधाएँ प्रदान करता है। e₹-R को लेन-देन करने के लिए रखा या इस्तेमाल किया जा सकता है, ठीक उसी तरह जिस तरह करेंसी नोटों को भौतिक रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
खुदरा ई-रुपया 50 पैसे, 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2000 के वर्ग में लॉन्च किया गया है।
