RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक 4 अगस्त से मुंबई में शुरू हो चुकी है, जिसका नतीजा आज सुबह 10 बजे सामने आएगा। इस बैठक पर नजरें इसलिए भी टिकी हैं क्योंकि अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच RBI एक और repo rate cut का ऐलान कर सकता है।
केयरएज रेटिंग्स और अन्य संस्थाओं की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI इस बार FY26 के लिए खासकर H1 में नरम रुझानों को देखते हुए महंगाई अनुमान को घटा सकता है।
वैश्विक दबाव और टैरिफ के बीच भारत की नीति चुनौतियां
यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो 7 अगस्त से लागू होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इस भू-राजनीतिक दबाव और वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बीच RBI को नीतिगत संतुलन बनाना होगा।
क्या घटेगी रेपो रेट? विशेषज्ञों की राय
SBI Research के अनुसार, RBI इस बैठक में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है ताकि त्योहारी सीजन से पहले क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ावा मिल सके। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री दीपान्विता मजूमदार का मानना है कि RBI फिलहाल "वेट एंड वॉच" की रणनीति अपनाएगा क्योंकि पहले ही पर्याप्त फ्रंटलोडिंग हो चुकी है। कुछ अन्य विशेषज्ञों जैसे अजय बग्गा का मानना है कि RBI के पास मौद्रिक स्पेस है और दरें घट सकती हैं।
महंगाई और ग्रोथ पर भी हो सकता है फोकस
केयरएज रेटिंग्स और अन्य संस्थाओं की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI इस बार FY26 के लिए खासकर H1 में नरम रुझानों को देखते हुए महंगाई अनुमान को घटा सकता है। GDP ग्रोथ को लेकर अनुमान 6.4% पर बना हुआ है, लेकिन अमेरिका के टैरिफ और वैश्विक हालात को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। जून 2025 की पिछली बैठक में RBI ने 50 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सभी को चौंका दिया था, ऐसे में अगस्त बैठक भी बाजार की उम्मीदों पर खरी उतर सकती है।
