RBI LCR Rules Postponed: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को बैंकों को बड़ी राहत देते हुए नकदी कवरेज अनुपात (Liquidity Coverage Ratio - LCR) के कार्यान्वयन को कम से कम 1 साल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। अब यह नियम 31 मार्च 2026 से पहले लागू नहीं होगा।
RBI ने LCR नियमों को 1 साल के लिए किया स्थगित।
आरबीआई का नया दृष्टिकोण
मल्होत्रा ने कहा कि वित्तीय स्थिरता महत्वपूर्ण है, लेकिन नियामकीय सख्ती की लागत को भी ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एलसीआर नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि बैंकों पर अचानक दबाव न पड़े।
पिछले गवर्नर बनाम नए गवर्नर
पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्तीय स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए सख्त नियामकीय कदम उठाए थे। नए गवर्नर संजय मल्होत्रा बैंकों को राहत देने और विनियमन में संतुलन बनाने की नीति अपना रहे हैं।
बड़े बैंकों पर क्या होगा असर?
एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसी प्रमुख संस्थाओं पर नियामकीय सख्ती को लेकर मल्होत्रा ने कहा कि कड़े कदम अंतिम विकल्प के रूप में ही उठाए जाएंगे, जब बाकी सभी समाधान असफल हो जाएंगे।
क्या रहेगा आगे का रोडमैप?
एलसीआर नियम अब 31 मार्च 2026 से पहले लागू नहीं होंगे। आरबीआई नियामकीय लागत और लाभों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करेगा।
बैंकों को धीरे-धीरे बदलाव के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
आरबीआई के इस फैसले से बैंकों को राहत मिली है, और यह कदम भारत की बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता को बनाए रखने में मदद करेगा।
भाषा इनपुट के साथ
