RBI Cancel License Of Lucknow Urban Cooperative Bank:भारतीय रिजर्व बैंक ने उत्तर प्रदेश ते लखनऊ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। अब यह बैंक हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। ऐसे में बैंक के लाखों कस्टमर के जमा पूंजा पर ग्रहण लग गया है। सवाल उठता है कि इन लाखों कस्टमर के पैसे का क्या होगा। तो अब बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC)के तहत तय नियमों के आधार पर कस्टमर की पूंजी लौटाई जाएगी। नए नियम के अनुसार कस्टमर को 5 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस मिलता है।
लखनऊ कोऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द
आरबीआई ने क्यों रद्द किया लाइसेंस
लाइसेंस रद्द करने की प्रमुख वजह लखनऊ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं होना है। साथ ही बैंक में सुधार की गुंजाइश भी नहीं बची है। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के सहकारिता आयुक्त और पंजीयक से बैंक को बंद करने और सहकारी बैंक के लिए एक लिक्विडेटर नियुक्त करने का आदेश जारी करने की सिफारिश की गई है।
99 फीसदी कस्टमर को मिल जाएगा फंसा पैसा
बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC) के तहत प्रत्येक कस्टमर जिनका बैंक में पैसा जमा है, उन्हें पांच लाख रुपये तक का इंश्योरेंस मिलेगा। यानी जिन कस्टमर के बैंक में 5 लाख रुपये तक जमा हैं, उन्हें उनका पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। बैंक के अनुसार इस लिमिट के दायरे में करीब 99 फीसदी से ज्यादा कस्टमर आ जाएंगे। हालांकि जिन कस्टमर के बैंकों में 5 लाख रुपये से ज्यादा जमा हैं, उन्हें भी केवल 5 लाख रुपये तक की ही गारंटी मिलेगी। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग काम-काज बंद करना होगा।
