RBI Monetary Policy: एक बार फिर आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने से, एक बार फिर उन लोगों को निराशा हाथ लगी है, जो काफी समय से बढ़ी ब्याज दरों में राहत की उम्मीद कर रहे थे। जिससे उनकी होम लोन, कार लोन, पर्सलन लोन की EMI घट जाए। अब उनका इंतजार और लंबा हो गया है। आरबीआई के इस फैसले से नए और पुराने ग्राहकों के लिए कर्ज की दरें पुरानी जैसी ही बनी रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार जून 2023 की मौद्रिक नीति में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि साल 2023 काफी अनिश्चिचताओं भरा रहा है और भारतीय इकोनॉमी ने ने अपनी मजबूत स्थिति से इन चुनौतियों से संभाल रखा है। दास ने महंगाई को प्रमुख चुनौती बताया है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास
क्यों नहीं मिल रही है EMI पर राहत
आरबीआई द्वारा EMI पर राहत नहीं देने की प्रमुख वजह महंगाई है। क्योंकि वह अभी आरबीआई के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसा अनुमान है कि महंगाई दर मौजूदा वित्तीय वर्ष में 5.4 फीसदी के करीब बनी रहेगी। जो कि आरबीआई के सामान्य स्तर से अभी भी ज्यादा है। इसके आरबीआई आम तौर पर 4 फीसदी की रिटेल महंगाई को बेहतर स्थिति मानता है।
इसके अलावा खाद्य महंगाई दर भी अभी ज्यादा है, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है। अक्टूबर में रिटेल महंगाई दर घटकर 4.87 फीसदी पर आ गई है। लेकिन खाद्य महंगाई दर सितंबर के मुकाबले बढ़ गई । अक्टूबर में खाने-पीने की चीजें 6.61 फीसदी पर पहुंच गई। जबकि सितंबर में यह 6.56 फीसदी थीं।
5 लाख तक UPI पेमेंट
आरबीआई ने यूपीआई पेमेंट को लेकर बड़ी सुविधा दी है। अब अस्पताल और शिक्ष खर्च के लिए 5 लाख रुपये तक का पेमेंट यूपीआई से किया जा सकेगा। अभी यह लिमिट एक लाख रुपये तक थी। ऐसे में यूपीआई यूज करने वाले लोगों को लिए यह बड़ी सुविधा होगी।
आरबीआई ने ग्रोथ पर क्या कहा
आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि महंगाई एक बड़ी चुनौती है। और ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए सभी सदस्यों ने मिलकर प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। आरबीआई ने इस साल के लिए महंगाई दर 5.4 फीसदी पर बरकरार रखा है। इसी तरह वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ग्रोथ रेट 7 फीसदी पर बरकरार रखा है।
