RBI Monetary Policy: RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, EMI पर राहत नहीं, अब इनके लिए 5 लाख तक UPI पेमेंट

RBI Monetary Policy: आरबीआई द्वारा EMI पर राहत नहीं देने की प्रमुख वजह महंगाई है। ऐसा अनुमान है कि महंगाई दर मौजूदा वित्तीय वर्ष में 5.4 फीसदी के करीब बनी रहेगी। इसके अलावा खाद्य महंगाई दर भी अभी ज्यादा है, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है।

RBI Monetary Policy: एक बार फिर आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने से, एक बार फिर उन लोगों को निराशा हाथ लगी है, जो काफी समय से बढ़ी ब्याज दरों में राहत की उम्मीद कर रहे थे। जिससे उनकी होम लोन, कार लोन, पर्सलन लोन की EMI घट जाए। अब उनका इंतजार और लंबा हो गया है। आरबीआई के इस फैसले से नए और पुराने ग्राहकों के लिए कर्ज की दरें पुरानी जैसी ही बनी रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार जून 2023 की मौद्रिक नीति में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि साल 2023 काफी अनिश्चिचताओं भरा रहा है और भारतीय इकोनॉमी ने ने अपनी मजबूत स्थिति से इन चुनौतियों से संभाल रखा है। दास ने महंगाई को प्रमुख चुनौती बताया है।

RBI MONETARY POLIY EMI

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

क्यों नहीं मिल रही है EMI पर राहत

आरबीआई द्वारा EMI पर राहत नहीं देने की प्रमुख वजह महंगाई है। क्योंकि वह अभी आरबीआई के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसा अनुमान है कि महंगाई दर मौजूदा वित्तीय वर्ष में 5.4 फीसदी के करीब बनी रहेगी। जो कि आरबीआई के सामान्य स्तर से अभी भी ज्यादा है। इसके आरबीआई आम तौर पर 4 फीसदी की रिटेल महंगाई को बेहतर स्थिति मानता है।

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