वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी Razorpay को 5,000-6,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिल गई है। मामले से परिचित सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी सार्वजनिक निर्गम के जरिये करीब पांच अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। रेजरपे ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के समक्ष जून में गोपनीय माध्यम से आईपीओ के मसौदा दस्तावेज जमा कराए थे।
आईपीओ
2014 में रेजरपे की स्थापना हुई थी
गोपनीय तरीके से दस्तावेज जमा कराने की प्रक्रिया के तहत कंपनियां संवेदनशील कारोबारी जानकारी को तत्काल सार्वजनिक किए बिना समीक्षा के लिए सेबी के पास निर्गम दस्तावेजों का मसौदा जमा कर सकती हैं। हर्षिल माथुर और शशांक कुमार ने 2014 में रेजरपे की स्थापना की थी। यह कंपनी एकीकृत मंच के जरिये भुगतान स्वीकार करने, बैंकिंग, भुगतान वितरण, वेतन प्रबंधन, ऋण और अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती है।
इनको बैंकर नियुक्त किया गया
कंपनी ने प्रस्तावित पब्लिक इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल, कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेपी मॉर्गन और सिटी को बैंकर के तौर पर नियुक्त किया था। हालांकि शुरुआती योजना लगभग 7 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 700 मिलियन डॉलर जुटाने की थी, लेकिन निवेशकों के मौजूदा रुख को देखते हुए IPO लाने वाली कई कंपनियों को पब्लिक मार्केट को लेकर अधिक सतर्क रवैया अपनाना पड़ रहा है।
रेजरपे का समेकित राजस्व पिछले वित्त वर्ष के 2,296 करोड़ रुपये से 65 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 3,783 करोड़ रुपये हो गया। इसमें कंपनी के पेमेंट गेटवे बिजनेस, रेजरपे-एक्स और अंतरराष्ट्रीय कामकाज का बड़ा योगदान रहा। सकल लाभ (gross profit) एक साल पहले के 906 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,277 करोड़ रुपये हो गया।
रेजरपे पिछले कुछ वर्षों से पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है। फरवरी 2024 में, सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी हर्षिल माथुर ने कहा कि कंपनी अपनी 'रिवर्स-फ्लिप' प्रक्रिया पूरी करने और अपना अधिवास (domicile) भारत में स्थानांतरित करने के बाद IPO लाने की योजना बना रही है।
