पंजाब नेशनल बैंक ने हाल ही में अपनी ब्याज दरों को संशोधित किया है, जिसका सीधा फायदा उन निवेशकों को मिलेगा जो मध्यम अवधि (Medium Term) के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं। बैंक की 444 दिनों वाली विशेष FD स्कीम अब निवेशकों की पहली पसंद बनती जा रही है। PNB ने इस अवधि के लिए सामान्य नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और अति-वरिष्ट नागरिकों (Super Senior Citizens) के लिए दरों को काफी आकर्षक बना दिया है। आमतौर पर देखा जाता है कि जब कोई सरकारी बैंक दरें बढ़ाता है, तो दूसरे बैंकों को भी अपने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए ब्याज दरों में इजाफा करना पड़ता है।
PNB बनाम अन्य सरकारी बैंक
बाजार में इस समय ब्याज दरों की जंग छिड़ी हुई है। जहां एक ओर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी 'अमृत कलश' जैसी योजनाओं के जरिए ग्राहकों को लुभा रहा है, वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) भी अपनी विशेष अवधियों पर कड़ा मुकाबला दे रहा है। हालांकि, PNB के लेटेस्ट अपडेट के बाद, 444 दिनों की जमा राशि पर मिलने वाला रिटर्न कई मामलों में अन्य बैंकों से थोड़ा आगे निकल गया है। उदाहरण के लिए, अगर PNB इस अवधि पर 7.25% या उससे अधिक का ब्याज दे रहा है, तो यह सीधे तौर पर उन निवेशकों को आकर्षित करेगा जो सुरक्षा के साथ-साथ अधिकतम लाभ की तलाश में रहते हैं।
सीनियर सिटीजन्स के लिए 'डबल' खुशी
PNB की नई दरों का सबसे बड़ा आकर्षण वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दरों से 0.50% अधिक और 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन्स को 0.80% तक का अतिरिक्त ब्याज ऑफर कर रहा है। इसका मतलब है कि अगर कोई बुजुर्ग PNB की 444 दिनों वाली स्कीम में निवेश करता है, तो उसे मिलने वाला प्रभावी ब्याज दर 8% के करीब पहुंच सकता है। इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी संस्थाएं भी वरिष्ठ नागरिकों को विशेष तवज्जो देती हैं, लेकिन PNB की नई गणना उन्हें इस दौड़ में आगे खड़ा करती है।
निवेश करने से पहले क्या ध्यान रखें?
विशेषज्ञों का मानना है कि 444 दिनों जैसी 'ओड-डे' (Odd-day) मैच्योरिटी वाली स्कीमें अक्सर बैंकों द्वारा लिक्विडिटी जुटाने के लिए लाई जाती हैं, इसलिए इनमें नियमित FD (जैसे 1 या 2 साल) के मुकाबले ब्याज दरें अधिक होती हैं। निवेश करने से पहले यह जरूर चेक करें कि क्या आप उस राशि को 444 दिनों के लिए लॉक करने को तैयार हैं। PNB के अलावा इंडियन बैंक की 'इंड सुपर' (Ind Super) स्कीम भी इसी श्रेणी में तगड़ा रिटर्न दे रही है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश से पहले अपने बैंक की नजदीकी शाखा या मोबाइल ऐप पर जाकर 'लेटेस्ट यील्ड' (Yield) की गणना जरूर कर लें।
