PPF: 12 साल बाद पीपीएफ खाता अमान्य घोषित, क्या मिलेगा ब्याज? हाईकोर्ट के इस फैसले ने दी करोड़ों निवेशकों को राहत

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि डाक विभाग की लापरवाही से 12 साल तक चले अमान्य PPF खाते पर ब्याज नहीं रोका जा सकता, जो ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है।

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) खाताधारकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अगर डाकघर या बैंक की गलती से आपका पीपीएफ खाता कई सालों तक चलने के बाद 'अमान्य' (irregular) घोषित कर दिया जाता है, तो आपको अपनी जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज से हाथ नहीं धोना पड़ेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के नाम पर खोले गए एक पीपीएफ खाते के मामले में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि 12 साल तक लगातार जमा स्वीकार करने के बाद डाक विभाग नियम उल्लंघन का हवाला देकर ग्राहक का ब्याज नहीं रोक सकता।

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पीपीएफ निवेशकों के लिए बड़ी जीत: 12 साल तक चला खाता, तो कोर्ट ने साफ किया ब्याज का पूरा नियम

क्या था पूरा मामला?

मिंट की रिपोर्ट के मुतापिक यह मामला बेंगलुरु के मल्लेश्वरम डाकघर का है। 'के शंकरलाल' नामक एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से 3 सितंबर 2009 को अपने एचयूएफ (HUF) के नाम पर पीपीएफ खाता खोला था। वे लगातार 12 वर्षों तक इस खाते में पैसे जमा करते रहे। हालांकि, केंद्र सरकार ने 13 मई 2005 को ही नियम में बदलाव करके एचयूएफ के नाम पर नया पीपीएफ खाता खोलने पर रोक लगा दी थी। डाकघर के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह खाता खुल भी गया और 12 साल तक सुचारू रूप से चलता भी रहा। सितंबर 2021 में जब अधिकारियों को इस गलती का अहसास हुआ, तो उन्होंने खाते को 'अमान्य' घोषित कर दिया और बिना कोई ब्याज दिए खाता बंद करने का नोटिस जारी कर दिया।

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