पाकिस्तान के किसान कपास की खेती छोड़ गाय, भैंस, भेड़ और बकरियां पालने को हुए मजबूर, वजह हैरान कर देगा

खेतों के लगातार होते टुकड़े पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था को बर्बादी की कगार पर धकेल रहे हैं? हाल ही में सामने आई पाकिस्तान की कृषि जनगणना ने एक ऐसे खौफनाक सच से पर्दा उठाया है।

पाकिस्तान में किसानों की प्रमुख खेती कपास रही है लेकिन अब इससे मोहभंग हो रहा है। पाकिस्तान में कपास की खेती में 29% की भारी गिरावट आई है। किसानों द्वारा कपास की खेती नहीं करने से पाकिस्तान का टेक्सटाइल उद्योग खतरे में आ गया है। पाकिस्तान के कृषि जनगणना (Agricultural Census) रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। एग्रीकल्चर सेंसस की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार कम होती जमीन की जोत साइज ने किसानों को खेती छोड़ने और जीवन यापन के लिए पशुपालन का रुख करने को मजबूत किया है।

Pakistani Farmers (AI Image)

पाकिस्तान के किसान

पाकिस्तान में खेत का साइज घटा

पाक के एग्रीकल्चर सेंसस के अनुसार, पाकिस्तान में खेतों की संख्या 2010 के 82.6 लाख से बढ़कर 1.11 करोड़ हो गई है, जिससे औसत खेत का आकार 6.4 एकड़ से घटकर 5.3 एकड़ रह गया है. अब एक औसत बंटा हुआ खेत 3 के बजाय 7 टुकड़ों में बिखर चुका है। यानी हर खेत के टुकड़ों की संख्या में 133% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में सात हिस्सों में बंटा खेत सिर्फ आकार में छोटा नहीं होता, बल्कि उस पर सही तरीके से खेती करना भी बेहद मुश्किल हो जाता है।

End of Feed