महीने की किस तारीख को रखनी चाहिए लोन की EMI? सैलरी अकाउंट की वो गलती जो गिराती है आपका सिबिल स्कोर

सैलरी आने और लोन EMI कटने की तारीख में थोड़ा सा अंतर भी आपको भारी पेनल्टी और खराब सिबिल स्कोर की ओर धकेल सकता है। जानिए किस तारीख को EMI सेट करनी चाहिए और सैलरी का सही 4-स्टेप फॉर्मूला क्या है।

नौकरीपेशा लोगों के लिए महीना खत्म होते ही सैलरी आने का इंतजार खत्म होता है, लेकिन अगर आपकी सैलरी क्रेडिट होने और लोन की EMI कटने की तारीखों के बीच सही तालमेल नहीं है, तो यह आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। अधिकांश लोग सैलरी आते ही, जैसे महीने की 1 तारीख को, अपने लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) सेट कर देते हैं। लेकिन अगर वीकेंड या सरकारी छुट्टी के कारण आपकी सैलरी क्लियर होने में एक या दो दिन की देरी हो जाती है, तो पर्याप्त बैंक बैलेंस होने के बावजूद पेमेंट फेल हो जाता है। इससे न केवल बैंक आप पर बाउंस चार्ज और पेनल्टी लगाते हैं, बल्कि आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर भी तेजी से गिर जाता है।

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सैलरी अकाउंट की वो गलती जो गिराती है आपका सिबिल स्कोर

कब नहीं कटवानी चाहिए EMI?

बैंकिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, महीने के आखिरी दिन या 1 तारीख को सैलरी क्रेडिट होना काफी रिस्की हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपकी सैलरी शुक्रवार को प्रोसेस होती है और शनिवार-रविवार को बैंक हॉलिडे रहता है, तो NEFT या RTGS ट्रांसफर आपके बैलेंस में दिखने के बावजूद क्लियरिंग में समय लेता है। ऐसे में 1 तारीख को ऑटो-डेबिट फेल होने का खतरा रहता है। इस समस्या से बचने के लिए सैलरी मैनेजमेंट के 4-स्टेप फॉर्मूले को अपनाना चाहिए।

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