NSE की रिपोर्ट: सस्ता नहीं हुआ क्रूड, तो फटेगा महंगाई का बम, बाजार से थाली तक होगा असर

NSE की Market Pulse रिपोर्ट के मुताबिक क्रूड पर हर $10 की बढ़ोतरी CPI को 50-70 bps तक बढ़ा सकती है। इसके अलावा आयात बिल भी मुश्किलें बढ़ाएगा। लंबे समय तक क्रूड फरवरी के स्तरों से ऊपर बना रहता है, तो इसका बाजार से आम लोगों तक व्यापक असर होगा।

Crude Oil Price Inflation In India: क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल अब सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महंगाई और आर्थिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन गया है। NSE की ताजा रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अगर कीमतें ऊंची बनी रहीं तो CPI 10% के पार जा सकती है और नीति संतुलन बिगड़ सकता है। NSE की मार्च 2026 की Market Pulse रिपोर्ट साफ बताती है कि क्रूड ऑयल में हर $10 प्रति बैरल की स्थायी बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई 50 से 70 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ सकती है। इसके साथ ही आयात बिल में भारी बढ़ोतरी होती है और चालू खाता घाटा भी बढ़ता है, जिससे आर्थिक दबाव कई गुना बढ़ जाता है।

Crude to Inflation

आयात निर्भरता की वजह से क्रूड से जुड़ी है महंगाई

तीन स्तर पर बढ़ता जोखिम

फरवरी के करीब $69 के स्तर को आधार मानें तो तेल की मौजूदा तेजी खतरनाक संकेत देती है। यदि कीमतें $100 के आसपास टिकती हैं तो महंगाई 6% के ऊपर पहुंचकर RBI की सीमा तोड़ सकती है। $119 के आसपास बने रहने पर CPI 7% से 8% के बीच जा सकती है, जो अर्थव्यवस्था के लिए असहज स्थिति है। वहीं यदि कीमतें $150 के करीब टिकती हैं तो महंगाई 10% के पार जाने का खतरा है, जो पिछले कई वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर हो सकता है।

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