SME IPO: एसएमई शेयरों में उछाल पर चिंता के बीच, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने गुरुवार को एसएमई आईपीओ (SME IPO) पर 90% की प्राइस कंट्रोल कैप लगाने की घोषणा की। एनएसई ने एक सर्कुलर में कहा है कि एसएमई प्लेटफॉर्म के लिए आईपीओ (IPO) के लिए स्पेशल प्री-ओपन सेशन के दौरान एक्सचेंजों में ओपनिंग प्राइस डिस्कवरी / संतुलन मूल्य (Equilibrium Price) को स्टैंडर्डाइज करने के लिए, एसएमई आईपीओ के लिए इश्यू प्राइस पर 90% तक की ओवरऑल लिमिट लगाने का निर्णय लिया गया है। आसान शब्दों में समझें तो इसका मतलब है कि जो एसएमई आईपीओ आते हैं, उनकी लिस्टिंग 90 फीसदी से अधिक प्रीमियम पर नहीं हो पाएगी।
SME IPO के लिए लागू हुआ प्राइस कंट्रोल कैप
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क्यों लिया गया ये फैसला
90% की प्राइस कंट्रोल लिमिट केवल एसएमई सेगमेंट पर लागू होगी, न कि मेनबोर्ड आईपीओ, रीलिस्टेड सिक्योरिटीज या पब्लिक डेट पर। यह सर्कुलर आज से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
बता दें कि कैपिटल मार्केट में फर्स्ट लेवल के रेगुलेटर के तौर पर काम करने वाले एनएसई ने यह कदम उन चिंताओं के बीच उठाया है, जिनमें कहा जा रहा था कि एसएमई आईपीओ लिस्टिंग के दिन ही मल्टीबैगर रिटर्न कैसे दे रहे हैं।
शिवालिक पावर की धमाकेदार लिस्टिंग
इससे पहले सोमवार को शिवालिक पावर ने एनएसई एसएमई आईपीओ प्लेटफॉर्म पर 211% के भारी प्रीमियम के साथ लिस्टिंग की थी। असल में, एसएमई सेगमेंट में ऐसी लिस्टिंग आम हो गई है, जहां फिनफ्लुएंसर खुले तौर पर रिटेल निवेशकों को ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) के आधार पर दांव लगाने की सलाह देते हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े
ईटी मार्केट्स द्वारा 2024 के पहले छह महीनों में एसएमई आईपीओ के विश्लेषण से पता चलता है कि 110 में से 43 इश्यू ने निवेशकों की संपत्ति को उनके ऑफर प्राइस से कम से कम दोगुना कर दिया है और रिटर्न 1,500% तक जा रहा है। मगर एनएसई के नए फैसले से इस पर लगाम लगेगी।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एसएमई आईपीओ पर एनएसई के फैसले की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
