बिजली का बिल भरने की चिंता छोड़िए, अब पड़ोसी को बिजली बेचकर कर सकते हैं कमाई!

गर्मियां शुरू होते ही लोगोंकी सबसे बड़ी टेंशन बिजली का बिल होती है, अगर आप भी बिजली बिल से परेशान हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। दरअसल, अब आप बिजली बेचकर कमाई भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे और क्या होंगे दाम?

दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव दस्तक दे रहा है। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने वर्चुअल नेट मीटरिंग और पीयर-टू-पीयर (P2P) ऊर्जा व्यापार के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस नई व्यवस्था के तहत अब आप सिर्फ बिजली के उपभोक्ता ही नहीं रहेंगे, बल्कि 'बिजली व्यापारी' भी बन सकेंगे। अगर आसान शब्दों में कहें तो, अगर आपकी छत पर लगे सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा बिजली बन रही है, तो आप उसे किसी और को बेचकर सीधे अपनी जेब भर सकते हैं। दिल्ली की तीनों बड़ी वितरण कंपनियों बीएसईएस (BSES), टाटा पावर डीडीएल (TPDDL) और एनडीएमसी (NDMC) को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कम से कम 1000-1000 ऐसे उपभोक्ताओं का नेटवर्क तैयार करें जो इस नई व्यवस्था का हिस्सा बनें।

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क्या है वर्चुअल नेट मीटरिंग का जादू?

आमतौर पर 'नेट मीटरिंग' में आप अपनी छत पर लगे सोलर पैनल की अतिरिक्त बिजली ग्रिड (डिस्कॉम) को भेजते हैं और महीने के अंत में आपके कुल इस्तेमाल और भेजी गई बिजली का अंतर निकालकर बिल बनाया जाता है। लेकिन 'वर्चुअल नेट मीटरिंग' इसे एक कदम आगे ले जाती है। मान लीजिए एक बिल्डिंग में 20 परिवार रहते हैं और छत पर जगह कम है। अब ये 20 परिवार मिलकर किसी दूसरी जगह या खाली जमीन पर एक बड़ा सोलर प्लांट लगा सकते हैं। वहां से पैदा होने वाली बिजली को इन सभी 20 परिवारों के बीच उनके स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) के हिसाब से बांट दिया जाएगा। यानी सोलर प्लांट कहीं और होगा और उसका फायदा आपके घर के बिजली बिल में दिखेगा।

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