No Income Tax in NOIDA : केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक ऐतिहासिक निर्णय में नोएडा (नई ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 10(46A) के तहत इनकम टैक्स से छूट प्रदान की है। यह छूट आकलन वर्ष 2024–25 से लागू होगी और भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक की शहरी और औद्योगिक वृद्धि को नया आकार दे सकती है।
अब नोएडा में कारोबार होगा और भी फायदेमंद, टैक्स फ्री स्टेटस से मिलेगी बड़ी राहत (तस्वीर-istock)
"टैक्स-फ्री" छूट, लेकिन कुछ शर्तों के साथ
यह पूरी तरह से टैक्स-फ्री दर्जा नहीं है। यह छूट केवल गैर-व्यावसायिक आय (non-commercial income) के लिए लागू होगी। छूट प्राप्त आय में शामिल हैं:- सार्वजनिक संपत्तियों का किराया, सरकारी अनुदान और सब्सिडी, सार्वजनिक सेवाओं के लिए शुल्क और चार्जेस, टैक्स के दायरे में आने वाली आय, रियल एस्टेट की बिक्री से आय, निवेश से ब्याज, किसी भी लाभ कमाने वाली व्यावसायिक गतिविधियों से प्राप्त आय।
CBDT की सख्त शर्तें: अलग-अलग खाता-बही रखना अनिवार्य
CBDT की अधिसूचना संख्या 116/2025 के अनुसार, NOIDA को छूट प्राप्त और टैक्स योग्य आय के लिए अलग-अलग लेखा जोखा (separate books) बनाए रखने होंगे। अगर इन दोनों में कोई गड़बड़ी या गलत प्रयोग पाया गया, तो पूरी छूट रद्द की जा सकती है। पारदर्शिता और अनुपालन बेहद आवश्यक हैं।
NOIDA के निवासियों को क्या फायदा होगा?
यह छूट NOIDA ऑथरिटी को अपनी आय को स्थानीय स्तर पर पुनर्निवेश करने की अनुमति देती है, जिससे निवासियों को मिल सकते हैं:- बेहतर सड़कें और जल निकासी, अधिक गुणवत्ता वाली हाउसिंग, बेहतर जल आपूर्ति और नागरिक सेवाएं। अब ऑथरिटी को टैक्स के रूप में भारी राशि केंद्र सरकार को नहीं देनी होगी, जिससे विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
NOIDA में व्यापार और उद्योग जगत के लिए राहत
हालांकि यह छूट प्राइवेट व्यवसायों की टैक्स देनदारी को नहीं बदलती, लेकिन इससे व्यापारिक माहौल बेहतर हो सकता है:- औद्योगिक और निर्माण परियोजनाओं के लिए तेज मंजूरी, बेहतर सुविधाएं और लॉजिस्टिक्स, निवेशकों और डेवलपर्स के लिए नीति में स्पष्टता और स्थिरता, इससे "Ease of Doing Business" को बढ़ावा मिलेगा।
टैक्स-एफिशिएंट अर्बन प्लानिंग की दिशा में कदम
यह निर्णय भारत सरकार की टैक्स-एफिशिएंट शहरी विकास नीति का हिस्सा है। इससे पहले सॉवरेन वेल्थ फंड्स और पेंशन फंड्स को भी इसी प्रकार की टैक्स राहत दी गई थी, ताकि बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा मिल सके। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम NOIDA को टैक्स लीक से बचाकर इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक निवेश की सुविधा देता है। यह भारत के लॉन्गटर्म शहरीकरण लक्ष्यों के साथ तालमेल में है।
भविष्य की ओर: NOIDA बन सकता है मॉडल शहर
जैसे-जैसे शहरी भारत टिकाऊ विकास की ओर बढ़ रहा है, NOIDA का यह टैक्स-फ्री मॉडल दूसरे शहरों के लिए आदर्श उदाहरण बन सकता है। हालांकि, नियमों से जरा भी चूक हुई तो छूट खोने का जोखिम बना रहेगा। फिलहाल, NOIDA थोड़ा और अमीर हो गया है, अब ये देखना दिलचस्प होगा कि वो इस समृद्धि का उपयोग कैसे करता है।
