आम आदमी और बाजार के लिए बुरी खबर: मूडीज ने भारत की विकास दर के अनुमान में की बड़ी कटौती

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के कारण 2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6% कर दिया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए वैश्विक मोर्चे से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। प्रमुख रेटिंग एजेंसी मूडीज ने साल 2026 के लिए भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले एजेंसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार इससे कहीं अधिक रहने की उम्मीद जताई थी। मूडीज की यह ताजा रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। हालांकि, विकास दर के अनुमान में इस कटौती ने नीति निर्माताओं और निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, क्योंकि इसका सीधा असर देश के निवेश और रोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है।

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सबसे बड़ी चुनौती

मूडीज ने इस कटौती के पीछे सबसे मुख्य कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतों (High Energy Costs) को बताया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर परिवहन, माल ढुलाई और उत्पादन लागत पर पड़ता है। मूडीज का मानना है कि लंबे समय तक ऊर्जा की ऊंची कीमतें रहने से कंपनियों के मुनाफे कम होंगे और आम आदमी की क्रय शक्ति (Purchasing Power) पर भी दबाव बढ़ेगा।

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