अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन जब सैलरी ज्यादा नहीं होती तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कितना लोन मिलेगा और हर महीने कितनी EMI चुकानी होगी। होम लोन का सारा खेल आपकी सैलरी, खर्चों और बैंक की शर्तों पर टिका होता है।
कितने का मिलेगा लोन?
बैंक आमतौर पर आपकी नेट सैलरी (टैक्स-कटौती के बाद बची सैलरी) का 50–60 गुना तक लोन देते हैं। यानी अगर आपकी मासिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो आप करीब 25–30 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। हालांकि, ये आपकी उम्र, क्रेडिट स्कोर और पहले से लिए गए कर्ज पर भी निर्भर करता है।
इसके अलावा, बैंक प्रॉपर्टी की कुल कीमत का सिर्फ 75–90% तक ही लोन देते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप 40 लाख रुपये का घर खरीदना चाहते हैं, तो 4–10 लाख रुपये अपनी जेब से डाउन पेमेंट के तौर पर देने होंगे।
EMI कितनी रखें?
लोन की EMI आपकी सैलरी का 40–50% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, ताकि बाकी खर्च और बचत के लिए भी पैसा बचे। जैसे अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये है, तो EMI 20–25 हजार रुपये तक रखना सही रहेगा। EMI लोन की रकम, ब्याज दर और समय अवधि पर निर्भर करती है। लंबी अवधि के लोन से EMI कम होगी, लेकिन ब्याज ज्यादा देना पड़ेगा।
ब्याज दर और टेन्योर का असर
आजकल होम लोन की ब्याज दरें लगभग 7.99% से शुरू होती हैं। आप चाहे तो फिक्स्ड रेट (जहां EMI पूरी अवधि में एक जैसी रहती है) या फ्लोटिंग रेट (जहां EMI बाजार के हिसाब से बदल सकती है) चुन सकते हैं।
50,000 सैलरी पर घर का सपना
मान लीजिए अनुज की सैलरी 50,000 रुपये महीना है और वह 30 लाख रुपये का घर खरीदना चाहता है। अगर वह 8.5% ब्याज पर 20 साल का लोन लेता है, तो बैंक उसे लगभग 24 लाख रुपये का लोन देगा (6 लाख डाउन पेमेंट करना होगा)। इस पर EMI करीब 20,800 रुपये प्रति माह आएगी। 20 साल में अनुज को लगभग 25.92 लाख रुपये ब्याज देना होगा। यानी कुल मिलाकर उसे करीब 50 लाख रुपये चुकाने पड़ेंगे।
घर खरीदने से पहले ध्यान रखें ये बातें
क्रेडिट स्कोर 730 से ऊपर रखें, ताकि ब्याज दर कम मिले। 6–12 महीने की EMI के बराबर इमरजेंसी फंड रखें। अगर ब्याज ज्यादा लग रहा हो, तो लोन को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। यानी, अगर आपकी मासिक इनकम ₹1 लाख तक है तो आप अपनी सैलरी और EMI क्षमता के हिसाब से 25 लाख से लेकर 60 लाख रुपये तक का घर आराम से खरीद सकते हैं।
