Fertilizer Subsidy: खाद सब्सिडी किसानों के खाते में सीधे आएगी या नहीं, सरकार ने संसद में किया साफ

Fertilizer Subsidy: सरकार ने कहा कि फिलहाल उर्वरक सब्सिडी किसानों के खातों में सीधे भेजने की योजना नहीं है। DBT व्यवस्था जारी रहेगी। उत्तर प्रदेश में खाद पर्याप्त है और कालाबाजारी पर कार्रवाई जारी है।

Fertilizer Subsidy : केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल किसानों के बैंक खातों में उर्वरक (खाद) सब्सिडी सीधे ट्रांसफर करने की कोई योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि देशभर में किसानों का पूरा और सत्यापित डेटाबेस अभी तैयार नहीं हुआ है। इसलिए अभी मौजूदा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था ही जारी रहेगी, जिसमें सब्सिडी किसानों को नहीं बल्कि उर्वरक कंपनियों को दी जाती है। यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान दी।

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किसानों के खाते में सीधे उर्वरक सब्सिडी पर सरकार का संसद में जवाब

मौजूदा DBT व्यवस्था कैसे काम करती है?

सरकार ने बताया कि फिलहाल उर्वरक सब्सिडी का भुगतान DBT इन फर्टिलाइजर्स सिस्टम के तहत किया जाता है। इस व्यवस्था में किसान जब खाद खरीदता है, तो उसकी पहचान आधार प्रमाणीकरण के जरिए की जाती है। देशभर के उर्वरक बिक्री केंद्रों पर पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनें लगी हुई हैं, जिनके माध्यम से आधार सत्यापन के बाद बिक्री दर्ज की जाती है। इसके बाद सरकार संबंधित उर्वरक कंपनियों को बेची गई खाद के आधार पर 100 प्रतिशत सब्सिडी का भुगतान करती है। यानी मौजूदा व्यवस्था में किसानों को खाद रियायती दर पर मिलती है, जबकि सब्सिडी सीधे कंपनियों को जाती है।

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