MNREGA New Name: केंद्र सरकार मनरेगा (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) का नाम बदल दिया है। इस योजना का नया नाम “पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना” रखा गया है। आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया गया। दुनिया की सबसे बड़ी काम की गारंटी देने वाली योजना का नाम बदल गया।
बदला मनरेगा का नाम (तस्वीर-pti)
मनरेगा की शुरुआत और उद्देश्य
मनरेगा योजना की शुरुआत साल 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने की थी। शुरुआत में इसे नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (NREGA) कहा गया था। बाद में इसे महात्मा गांधी के नाम से जोड़कर MGNREGA कर दिया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देना और ग्रामीण लोगों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
योजना के फायदे और सामाजिक प्रभाव
मनरेगा केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समाज में कई तरह के सुधार लाने में मदद करती है। योजना के तहत काम करने वाले लोग आर्थिक रूप से सुरक्षित रहते हैं और उनकी जीवनशैली में सुधार आता है। साथ ही, यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी संपत्ति जैसे सड़क, नहर, तालाब आदि बनाने में मदद करती है।
योजना के और भी कई लाभ हैं। यह महिलाओं को सशक्त बनाती है, पर्यावरण की रक्षा में मदद करती है, गांव से शहर की ओर होने वाले अनियंत्रित प्रवासन को कम करती है और सामाजिक समानता बढ़ाने में योगदान देती है। इसके तहत ग्रामीण लोगों को सालाना निश्चित वेतन मिलता है और उन्हें काम का अधिकार भी सुनिश्चित होता है।
मनरेगा का प्रभाव और पहुंच
मनरेगा योजना न केवल भारत की ग्रामीण आबादी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक भी मानी जाती है। योजना के तहत 2022-23 तक करीब 15.4 करोड़ लोग सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। इसका असर सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में भी मदद करता है।
क्यों बदला नाम?
सूत्रों की मानें तो केंद्रीय सरकार अब मनरेगा का नाम बदलकर इसे “पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना” के नाम से नई पहचान देना चाहती थी। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी की याद को सम्मान देना और योजना के महत्व को और व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है। आज की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया गया।
