ET Now Global Business Summit 2024: ग्लोबल बिजनेस समिट 2024 में एचडीएफसी बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट अभीक बरुआ ने नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल स्पेंस के साथ प्लान टू फिक्स ए फैक्चर्ड वर्ल्ड पर अहम चर्चा की। माइकल स्पेंस ने कहा कि भारत में दुनिया की किसी भी बड़ी इकोनॉमी के मुकाबले तेजी से ग्रोथ हासिल करने की क्षमता है। भारत ने बेहद की शानदार तरीके से डिजिटल इकोनॉमी को आकार दिया है और अभी भी डेवलपमेंट जारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर उन्होंने कहा कि इसे में उम्मीद के नजरिए से देख रहा हूं। लेकिन इसका इस्तेमाल सही तरीके से होना चाहिए।
इकोनॉमी के मोर्चे पर चुनौतियां
माइकल स्पेंस ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी के मोर्चे पर हमें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इनमें कोविड महामारी, जियो-पॉलिटकल टेंशन और क्लाइमेट चेंज जैसी स्थितियां शामिल रही हैं। कोविड की वजह से दुनिया भर की सप्लाई चेन प्रभावित हुई और इसका नतीजा यह रहा कि महंगाई बढ़ी। महंगाई पर काबू पाने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने सख्त कदम उठाए। इस तरह के स्ट्रक्चरल चेंज देखने को मिले।
मुद्रास्फीति का दबाव
उन्होंने कहा कि एक बड़ा बदलाव जो देखने को मिल रहा है वो यह है कि पूरी दुनिया में नेशनल सिक्योरिटी इकोनॉमी पॉलिसी का हिस्सा बन गई है। पुरानी सामान्य स्थिति में संभावित वापसी के बारे में बरुआ के सवाल ते जवाब में स्पेंस ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने वस्तुतः 30 वर्षों में पहली बार मुद्रास्फीति का सामना किया है। हमने मुद्रास्फीति के दबाव का अनुभव किया, जिसके कारण ब्याज दरों में तेजी से वृद्धि हुई, हम उन स्तरों पर पहुंच गए जो हमने सदियों से नहीं देखा था।
