Expert on PSU Banks: ईटी नाउ स्वदेश के साथ बातचीत में दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट संजीव भसीन ने पीएसयू बैंकों के बारे में नकारात्मक राय दी है। भसीन ने पीएसयू बैंकों के मामले में सतर्क रहने की सलाह दी है। पीएसयू बैंकों के बारे में उन्होंने कहा कि ये आपको ट्रेडिंग में तेजी तो दे सकते हैं, लेकिन वे अब वह आउटपुट नहीं दे पाएंगे जो वे पहले देते थे। पीएसयू बैंकों के बारे में उन्होंने कहा कि अगर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में जमा की लागत (Cost of Deposit) बढ़ती है, तो इसका शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) पर कुछ असर पड़ेगा।
पीएसयू बैंकों के शेयर बेचने की सलाह
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पीएसयू बैंक शेयर बेचने की सलाह
आईआईएफएल सिक्योरिटीज के निदेशक संजीव भसीन ने कहा कि मेरी सलाह है कि निवेशक शेयर बेचें। उनका ये सुझाव पीएसयू बैंक शेयरों के बारे में है। उन्होंने कहा कि एसबीआई ने डिपॉजिट रेट बढ़ा दी है, जो बताता है कि फंड या लायबिलिटी फ्रैंचाइजी उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रही है और बैंक को पैसे की अतिरिक्त लागत प्राप्त करने के लिए अपने NIM (शुद्ध ब्याज मार्जिन) का त्याग करना होगा।
भसीन का मानना है कि लार्जकैप बैंक बेहतर वैल्यू ऑफर कर सकते हैं।
क्या होती है कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट
जमा की लागत बैंक द्वारा जमा धारकों को दिए जाने वाले ब्याज की औसत लागत है। ऊंची जमा लागत वित्तीय संस्थान या बैंकों की शुद्ध ब्याज इनकम (बैंक द्वारा लोन उत्पादों से मिलने वाले ब्याज आय और बचत या जमा पर धारकों को दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर) जनरेट करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
किन सेक्टरों पर लगाएं दांव
इस बीच, बुधवार के सत्र के दौरान भसीन ने कहा कि टेक, फार्मा, एफएमसीजी इस समय सीजनली, अमेरिकी संकेतों और लोकल डेमोग्राफिक्स के आधार पर पसंदीदा सेक्टर हैं।
डिस्क्लेमर : इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें। यहां पर दी गई सलाह ईटी नाउ स्वदेश की रिपोर्ट के आधार पर है और शेयर पर राय ईटी नाउ स्वदेश को एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम निवेश पर अपनी कोई सलाह नहीं दे रहा है।
