इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय छोटी से छोटी गलती भी आपके लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। अक्सर जल्दबाजी में या जानकारी के अभाव में लोग अपनी कमाई के आंकड़े, बैंक अकाउंट डिटेल्स या डिडक्शन (छूट) की जानकारी गलत भर देते हैं। ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा डर यह होता है कि कहीं टैक्स विभाग का नोटिस न आ जाए या फिर आपका रिफंड न अटक जाए। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए इनकम टैक्स पोर्टल पर एक बेहद काम का विकल्प दिया है, जिसे 'डिस्कार्ड रिटर्न' (Discard Return) कहा जाता है। इस फीचर की मदद से आप अपने गलत भरे गए आईटीआर को पूरी तरह से डिलीट कर सकते हैं और बिना किसी पेनाल्टी के बिल्कुल नए सिरे से अपना सही रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
गलत भरा ITR तो ऐसे करें ठीक, नहीं अटकेगा रिफंड
गलती हो जाए तो क्या करें?
आयकर विभाग का यह 'डिस्कार्ड रिटर्न' नियम उन टैक्सपेयर्स के लिए एक लाइफसेवर की तरह काम करता है, जिन्हें आईटीआर सबमिट करने के तुरंत बाद अपनी गलती का एहसास हो जाता है। हालांकि, इस विकल्प का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। सबसे पहली और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आप अपने ओरिजिनल रिटर्न को केवल तभी डिस्कार्ड (डिलीट) कर सकते हैं, जब तक कि वह इनकम टैक्स विभाग द्वारा प्रोसेस (Process) न किया गया हो।
इसके अलावा, आपने भले ही अपना आईटीआर ई-वेरीफाई (e-Verify) कर दिया हो या न किया हो, दोनों ही स्थितियों में इसे डिस्कार्ड करने की छूट मिलती है। एक बार जब आप पोर्टल पर जाकर 'डिस्कार्ड' बटन पर क्लिक कर देते हैं, तो आपका पुराना गलत रिटर्न सिस्टम से हमेशा के लिए हट जाता है, मानो आपने कभी रिटर्न दाखिल ही नहीं किया था। इसके बाद आप अपनी सही वित्तीय जानकारी के साथ एक नया ओरिजिनल रिटर्न भर सकते हैं।
क्या है डेडलाइन?
इस प्रक्रिया को इस्तेमाल करने की एक निश्चित समय सीमा भी तय की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आप इस डिस्कार्ड विकल्प का उपयोग केवल 31 दिसंबर 2026 तक ही कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि यदि आप अपनी अंतिम देय तिथि (Due Date), जो कि आमतौर पर 31 जुलाई होती है, के बाद अपना रिटर्न डिस्कार्ड करते हैं और फिर नया रिटर्न भरते हैं, तो उसे 'बिलेटेड रिटर्न' (Belated Return) माना जाएगा। ऐसी स्थिति में आपको देरी से रिटर्न भरने के कारण नियमानुसार लेट फीस या जुर्माना भी देना पड़ सकता है। इसलिए, जैसे ही आपको अपनी गलती का पता चले, तुरंत इस सुविधा का लाभ उठा लेना चाहिए ताकि समय रहते आपका सही रिटर्न दर्ज हो सके।
यदि आप समय सीमा पार कर चुके हैं या आपका आईटीआर प्रोसेस हो चुका है, तो आपके पास दूसरा पारंपरिक रास्ता 'रिवाइज्ड रिटर्न' (Revised Return - धारा 139(5)) भरने का होता है। रिवाइज्ड रिटर्न के तहत आप पुराने रिटर्न को डिलीट नहीं करते, बल्कि उसी में सुधार करके एक संशोधित कॉपी जमा करते हैं। अंत में, अपने रिफंड को सुचारू रूप से पाने और आयकर विभाग के किसी भी कानूनी नोटिस से बचने का सबसे सही तरीका यही है कि आप अपने फॉर्म 26AS और एआईएस (AIS) का मिलान करने के बाद ही फाइनल सबमिशन करें। यदि फिर भी कोई त्रुटि रह जाती है, तो 'डिस्कार्ड रिटर्न' के इस ऑनलाइन फीचर का समझदारी से उपयोग करके आप अपने वित्तीय रिकॉर्ड को बिल्कुल साफ-सुथरा रख सकते हैं।
