KYC Mandatory for General Insurance: अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस, कार-टू व्हीलर, ट्रैवल सहित दूसरे जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट खरीदने जा रहे हैं, तो KYC अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में आप सी-केवाई, ई-केवाईसी के जरिए नए इंश्योरेंस प्रोडक्ट खरीद सकेंगे। अभी तक इंश्योरेंस सेक्टर में इंश्योरेंस लेते समय केवाईसी जरूरी नहीं थी। नए बदलाव एक जनवरी 2023 से कर दिए गए हैं।
जानें केवाईसी से क्या मिलेगा फायदा
बदलाव क्या होगा असर
नए बदलावों पर पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के मोटर इंश्योरेंस रिन्यूल्स हेड अश्विनी दुबे का कहना है कि IRDAI द्वारा हाल ही में लागू किए गए केवाईसी का अनुपालन करने से धोखधड़ी में कमी, आसान क्लेम सेटलमेंट, और इंश्योरेंस इकोसिस्टम में कुछ बहुत ही सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
नए नियम के तहत 1 जनवरी, 2023 से बीमा कंपनियों के लिए किसी भी जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी को जारी करने के समय ग्राहकों से केवाईसी दस्तावेज लेना अनिवार्य है। यह हेल्थ, ट्रैवल, टू-व्हीलर, कार इंश्योरेंस या किसी भी अन्य जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी पर लागू की गई है। पहले इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए केवाईसी अनिवार्य नहीं थीी। केवल क्लेम के समय केवाईसी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती थी, खासकर अगर क्लेम राशि 1 लाख रूपये से ज्यादा है।
कैसे होती है केवाईसी
केवाईसी एक सरल प्रक्रिया है और पहले से ही अन्य फाइनेंनशियल प्रोडक्ट्स जैसे लोन, बैंक खाते, डीमैट, म्यूचुअल फंड आदि के लिए मौजूद है। पॉलिसीधारकों को पास केवाईसी का अनुपालन करने के लिए तीन तरीके हैं..
सी-केवाईसी
सी-केवाईसी या सेंट्रल केवाईसी, जिस व्यक्ति ने कभी स्टॉक, म्यूचुअल फंड में निवेश किया है, उसके पास डीमैट अकाउंट है या पिछले कुछ वर्षों में उसने मोटर लोन लिया है। इन पॉलिसीधारकों के पास पहले से ही एक सी-केवाईसी नंबर होगा, जो बीमाकर्ता को खरीद के समय प्रदान किया जा सकता है। अगर उनके पास यह नहीं है, तो वे बस अपना पैन प्रदान कर सकते हैं और बीमाकर्ता सी-केवाईसी नंबर प्राप्त कर सकते हैं।
ई-केवाईसी
ई-केवाईसी नॉन इंश्योरेंस खरीद के लिए भी काफी सामान्य आवश्यकता है। यह आधार आधारित डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया है। प्रक्रिया को आसानी से ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है और ओटीपी के साथ सत्यापित किया जा सकता है। जिसके बाद वे बीमाकर्ता को केवाईसी नंबर प्रदान कर सकते हैं।
पहचान और पते का प्रमाण
अगर पॉलिसीधारक के पास उपरोक्त में से कोई भी दस्तावेज नहीं है, तो वे बीमाकर्ता को पहचान का प्रमाण और पते का प्रमाण भी प्रदान कर सकते हैं। इसके लिए पॉलिसीधारक को अपने पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस की एक कॉपी देनी होगी और बीमाकर्ता उनका केवाईसी नंबर प्राप्त कर सकता है।
