Kashmir Valley Rail Service: कश्मीर घाटी में पहली बार रेल संपर्क स्थापित होने पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक पल को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह है, क्योंकि अब घाटी हर मौसम में देश के अन्य हिस्सों से रेल के जरिये जुड़ गई है। लेकिन जम्मू के व्यापारी चिंतित हो गए है। आइए जानते हैं उन्हें किस बात का डर है।
देश के बाकी हिस्सों से रेल नेटवर्क से जुड़ा कश्मीर घाटी
जम्मू के व्यापारी चिंतित क्यों?
जहां कश्मीर में रेल संपर्क को एक नई शुरुआत माना जा रहा है, वहीं जम्मू के व्यापारी इसको लेकर चिंतित हैं। उन्हें डर है कि रेल सीधी घाटी तक पहुंचने से यात्री जम्मू में रुकने के बजाय सीधे कश्मीर चले जाएंगे, जिससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और सेवाओं पर असर पड़ेगा।
व्यापारी संगठनों की अपील
कटरा और जम्मू के व्यापारिक संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह इस बदलाव से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करे और स्थानीय व्यापार की रक्षा के लिए नीतियां बनाए।
जम्मू ट्रेडर्स एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज आनंद ने कहा कि हम इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री को बधाई देते हैं। यह कश्मीर के लिए हर मौसम में संपर्क स्थापित करेगा, लेकिन इसका असर जम्मू के व्यापार पर जरूर पड़ेगा। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
नीति निर्माण की मांग
व्यवसायी सुदर्शन सिंह ने कहा कि यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि पर्यटन, यात्रा और स्थानीय लोगों की आजीविका का मुद्दा है। सरकार को जम्मू के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।
प्रशंसा और आशंका
जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सपना अब हकीकत बन गया है। इसके लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं। घाटी के लिए संभावनाओं का नया द्वार खुल गया है। रेल संपर्क से कश्मीर घाटी जुड़ गया है। पर्यटन में बढ़ावा मिलेगा। कृषि, बागवानी और हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच होगी। सामान और यात्रियों का तेज आवागमन से कई लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने किए दो बड़े रेल पुलों का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर दो प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया। दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेल पुल का उद्घाटन किया, मोदी ने जम्मू-कश्मीर में अंजी नदी पर बने भारत के पहले ‘केबल-स्टेड’ रेलवे पुल का भी उद्घाटन किया।
यूएसबीआरएल परियोजना
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना कुल 43,780 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है। इसकी कुल लंबाई 272 किलोमीटर है। इसमें 119 किलोमीटर की 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं, जो हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं।
रेल सेवा से एक ओर कश्मीर में आर्थिक और सामाजिक प्रगति के नए रास्ते खुलेंगे, वहीं जम्मू के व्यापारिक समुदाय को ध्यान में रखते हुए समन्वित नीति बनाना सरकार के लिए जरूरी होगा। (इनपुट भाषा)
