DA Hike News : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन बेहद अहम साबित हुआ। जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का इंतजार खत्म हो गया। सरकार ने आज केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 3 प्रतिशत DA और DR बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा की। इस फैसले से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशनर्स की मासिक आय में अच्छा इजाफा देखने को मिलेगा।
केंद्रीय कर्मचारियों का बढ़ा महंगाई भत्ता
जुलाई 2026 से लागू होगी नई दर, कर्मचारियों को मिलेगा एरियर
यह ताजा बढ़ोतरी जुलाई 2026 के संशोधन चक्र के लिए की गई है। इससे पहले, सरकार ने अप्रैल में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिससे कुल DA मूल वेतन (Basic Pay) का 60% हो गया था। अब 3% के नए इजाफे के साथ यह दर बढ़कर 63% हो गई है। कर्मचारियों को जुलाई से लेकर अब तक का बकाया (एरियर) भी दिया जाएगा। यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) की सिफारिशों पर आधारित तय फॉर्मूले के तहत की गई है और इसे 1 जुलाई 2026 से लागू माना जाएगा।
इस फैसले से 6ठे वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का DA/DR मूल वेतन के 262% से बढ़कर 269% (7% की वृद्धि) हो गया है। वहीं, 5वें वेतन आयोग के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के लिए यह दर 483% से बढ़ाकर 497% (14% की वृद्धि) कर दी गई है। सरकार के इस कदम से देश के करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।
महंगाई से निपटने के लिए साल में दो बार होता है बदलाव
केंद्र सरकार महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए हर साल दो बार जनवरी और जुलाई में DA और DR की दरों की समीक्षा करती है।
- महंगाई भत्ता (DA): यह कार्यरत कर्मचारियों के मूल वेतन के आधार पर दिया जाता है।
- महंगाई राहत (DR): यह पेंशनभोगियों को मिलने वाला लाभ है, जिससे उन्हें बढ़ती कीमतों से राहत मिलती है।
इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनर्स को अपनी दैनिक जरूरतों और खर्चों को संभालने में बड़ी वित्तीय मदद मिलेगी।
कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई अन्य प्रमुख योजनाएं
महंगाई भत्ते में वृद्धि के अलावा, सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती देने के लिए तीन बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें स्वदेशी कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ 'कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम' शामिल है। इसके साथ ही, गांवों के सर्वांगीण विकास और स्थानीय सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से 7,395 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' की शुरुआत की गई है।
