EPF Interest Rules After Job Loss: EPF (Employees Provident Fund) नौकरीपेशा के लिए रिटायरमेंट (Retirement) के समय एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद करता है। हर महीने कर्मचारी की सैलरी से एक हिस्सा EPF खाते में जमा होता है और उस पर तय दर के अनुसार ब्याज भी मिलता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट से पहले ही नौकरी छोड़ देता है और उसके बाद EPF खाते में कोई नया योगदान नहीं होता, तो क्या ब्याज मिलना तुरंत बंद हो जाता है? EPFO की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ऐसा जरूरी नहीं है।
40 की उम्र में छोड़ी नौकरी तो कब तक मिलता रहेगा ब्याज (Photo: iStock)
कब तक मिलता रहेगा EPF ब्याज?
अगर कोई कर्मचारी 55 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ देता है और अपने EPF खाते में जमा रकम को नहीं निकालता है तो मौजूदा EPFO गाइडेंस के अनुसार खाते पर ब्याज 58 साल की उम्र तक मिल सकता है, बशर्ते EPF नियमों के तहत जरूरी शर्तें पूरी होती हों। इसी तरह, अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में नौकरी छोड़ देता है और अपना EPF पैसा खाते में ही रहने देता है तो उस पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिल सकता है।
EPFO के अनुसार, EPF खाते को इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय खाता तब माना जाता है, जब रिटायरमेंट, स्थायी रूप से विदेश जाने या कर्मचारी की मृत्यु जैसी स्थिति में तीन साल तक EPF में कोई योगदान प्राप्त नहीं होता। मौजूदा गाइडेंस के मुताबिक, ऑपरेटिव EPF खाते पर सदस्य की 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता है।
खाता कब होता है इनऑपरेटिव
वहीं, अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उसके बाद रिटायर होता है, तो उसके खाते के इनऑपरेटिव होने के नियम अलग हो सकते हैं। EPFO के अनुसार, 55 साल या उसके बाद रिटायरमेंट की स्थिति में रिटायरमेंट की तारीख से 36 महीने बाद EPF खाता इनऑपरेटिव हो जाता है और इसके बाद उस पर आगे ब्याज नहीं मिलता। अगर कोई व्यक्ति 50 साल की उम्र में स्वैच्छिक रूप से रिटायर होता है, तो मौजूदा नियमों के अनुसार उसे 58 साल की उम्र तक ब्याज मिल सकता है।
हालांकि, अगर कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र में रिटायर होता है तो EPFO के अनुसार ब्याज 63 साल की उम्र तक मिल सकता है। यानी ब्याज बंद होने का समय कर्मचारी की रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने की उम्र पर निर्भर करता है।
