Jio Financial IPO: मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को अपनी फाइनेंशियल सर्विस यूनिट को अलग करने (Demerge) के लिए एनसीएलटी (NCLT) की मंजूरी मिल गई है। इसके बाद अब अरबपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) इस साल सितंबर तक जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Sevices) या जेएफएसएल को लिस्ट करने की योजना बना रही है।
जियो फाइनेंशियल का आईपीओ
रिलायंस का यह कदम इसके 36 लाख शेयरधारकों के लिए वैल्यू को अनलॉक करेगा। साथ ही इससे कैपिटल के लिहाज से पांचवी सबसे बड़े फाइनेंस कंपनी तैयार होगी, जिसका सीधा मुकाबला पेटीएम (Paytm) और बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) से होगा।
कितना हो सकता है शेयर का रेट
ईटी की रिपोर्ट में वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JP Morgan) के हवाले से कहा गया है कि जियो फाइनेंशियल के शेयर की कीमत 189 रुपये हो सकती है। वहीं जेफरीज ने शेयर की कीमत 179 रुपये और सेंट्रम ब्रोकिंग ने शेयर की कीमत 157-190 रुपये तक होने का अनुमान लगाया है।
जानिए कब हो सकती है लिस्टिंग
ईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अंबानी जुलाई या अगस्त में रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स के एलॉटमेंट और लिस्टिंग के लिए रिकॉर्ड तिथि का ऐलान कर सकते हैं, जिसका नाम बदलकर जेएफएसएल (JFSL) कर दिया जाएगा।
डीमर्जर और लिस्टिंग से पहले, रिलायंस के शेयर फोकस में हैं क्योंकि पैरेंट कंपनी के शेयरधारकों को प्रत्येक शेयर के लिए जियो फाइनेंशियल का एक शेयर मिलेगा। पिछले तीन महीनों में रिलायंस का शेयर पहले ही 13% बढ़ चुका है।
बजाज फाइनेंस से तीन गुना से अधिक वैल्यू
एनबीएफसी सेक्टर की दिग्गज कंपनी बजाज फाइनेंस की नेटवर्थ करीब 44,000 करोड़ रुपये है। वहीं इसके मुकाबले जियो फाइनेंशियल की नेटवर्थ करीब 1,50,000 करोड़ रुपये होगी। इसके नतीजे में जेएफएसएल के एंट्री से एनबीएफसी और फिनटेक सेक्टर में रिटेल लोन देने में मुकाबला और बढ़ जाएगा।
