Jammu and Kashmir Property Transfer Rules: जम्मू-कश्मीर सरकार ने ब्लड रिलेशन रखने वाले परिवारिक सदस्यों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर स्टाम्प शुल्क को माफ करने की अधिसूचना जारी की है। यह निर्णय एक अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 7 मार्च को अपने बजट भाषण में इस छूट की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य करीबी रिश्तेदारों के बीच संपत्ति के लेन-देन को सरल बनाना और कानूनी विवादों को कम करना है।
जम्मू-कश्मीर में प्रॉपर्टी को लेकर नया नियम एक अप्रैल से (तस्वीर-Canva)
गिफ्ट के जरिये संपत्ति हस्तांतरण
इस अधिसूचना के अनुसार, खून के रिश्ते वाले परिवारिक सदस्य, जैसे कि पिता, माता, भाई, बहन, बेटा, बेटी, दादा, दादी, पोता और पोती के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर स्टाम्प शुल्क नहीं लगेगा। यह छूट विशेष रूप से उपहार विलेख के माध्यम से संपत्ति के हस्तांतरण पर लागू होगी। वर्तमान में, ऐसे लेन-देन पर 3% से लेकर 7% तक का स्टाम्प शुल्क लगता है।
सार्वजनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्णय
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस अधिसूचना को साझा करते हुए कहा कि यह निर्णय जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यह कदम जम्मू और कश्मीर में संपत्ति के लेन-देन को सरल बनाएगा, जिससे परिवारों में संपत्ति के विवादों की संभावना कम हो सकती है।
सरकार की जनहित में पहल
वित्त विभाग के प्रमुख सचिव, संतोष डी वैद्य ने इस अधिसूचना को जारी करते हुए कहा कि सरकार ने स्टाम्प अधिनियम के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग किया है और यह कदम जनहित में उठाया गया है। इस फैसले से करीबी रिश्तेदारों के बीच संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता और सुविधा आएगी, जो परिवारों के बीच विवादों को टालने में सहायक साबित हो सकता है।
