GST: देशभर में जिन कंपनियों ने GST चोरी के लिए फर्जी टैक्स छूट (Input Credit Tax) दावे किए हैं, उन पर जांच शुरू कर दी गई है। जो दिसंबर तक रहेगी ये 1.25 लाख कंपनियां देशभर की हैं। इनमें से अधिकतर फर्जी हो सकती हैं। इसके अलावा इनमें कई सरकारी एजेंसियां और प्रतिष्ठित कंपनियां भी शामिल हैं। केंद्र और राज्यों के GST अधिकारी इनके खिलाफ जांच को अंजाम दे रहे हैं। इसमें दिल्ली की एक फर्जी कंपनी ने मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों की पांच कंपनियों को सप्लाई की है।
केंद्र और राज्यों के GST अधिकारी इनके खिलाफ जांच को अंजाम दे रहे हैं।
खत्म हो चुका है पहला चरण
जैसा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा-शुल्क बोर्ड (CBIC) ने दो महीने का विशेष जांच अभियान शुरू किया था। इसे 14 मई से 14 जुलाई के बीच अंजाम दिया गया है। इसके तहत 77,200 संस्थानों और कंपनियों की जांच की गई है। इनमें से 20,800 फर्जी पाई गई हैं। बोर्ड के अनुसार, पहले जोखिम के तौर पर संस्थानों की पहचान की गई थी। इसके बाद दायरा बढ़ाते हुए 1.25 लाख कंपनियों की जांच की गई। इनके खिलाफ जांच का यह दूसरा चरण है।
कैसे करते हैं फर्जीवाड़ा
इनपुट टैक्स क्रेडिट के तहत GST करदाता को उत्पाद में इस्तेमाल किए गए इनपुट्स (कच्चे माल) पर चुकाए गए टैक्स पर छूट की इजाजत होती है। कई कंपनियां फर्जी बिल या चालान के जरिए फर्जी कर छूट दावा करती हैं। इसके लिए वे माल एवं सेवा की आपूर्ति असल में नहीं करती हैं लेकिन फर्जी बिल लगाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करती हैं। इससे सरकार के राजस्व का नुकसान होता है।
