देश में खुदरा महंगाई की रफ्तार बरकरार है। अगस्त में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दिसंबर 2024 के 5.22% के स्तर के बाद सबसे ऊपर है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में CPI बढ़कर 4.82% हो गया। जबकि, जुलाई में यह 4.45% रहा थ। यानी एक महीने में खुदरा महंगाई 37 बेसिस पॉइंट बढ़ी है। अगस्त की CPI महंगाई जनवरी 2026 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। महंगाई में यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ महीनों में कीमतों का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जून में CPI 4.38%, मई में 3.93% और जुलाई में 4.45% रही थी। अब अगस्त में यह बढ़कर 4.82% हो गई।
लगातार बढ़ रही खुदरा महंगाई
खाद्य महंगाई 6% के करीब, प्याज-लहसुन ने बढ़ाया दबाव
अगस्त में सबसे बड़ा दबाव खाने-पीने की चीजों से आया। Food Inflation 5.95% रही, जबकि जुलाई में यह 5.52% थी। यानी खाद्य महंगाई में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। सरकारी CPI डेटा के मुताबिक Combined CPI में Food and Beverages की महंगाई 5.66% रही। वहीं प्याज की महंगाई जुलाई के 22.54% से बढ़कर अगस्त में 48.27% हो गई। लहसुन की महंगाई भी 35.36% से बढ़कर 43.60% पहुंच गई। Ginger की महंगाई हालांकि 83.57% से घटकर 73.82% रही। हालांकि, कुछ सब्जियों की कीमतों में गिरावट ने महंगाई को पूरी तरह बढ़ने से रोका। अगस्त में टामाटर की कीमतें सालाना आधार पर 31.09% नीचे रहीं, जबकि आलू की कीमतों में 13.14% की नरमी रही।
ज्वेलरी बनी महंगाई का बड़ा स्रोत
अगस्त में सिर्फ खाने-पीने की चीजें ही महंगी नहीं हुईं। सोने-चांदी की की ज्वेलरी की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई। चांदी के जेवरात में महंगाई 107.11% रही। हालांकि, जुलाई के 109.89% के मुकाबले इसमें मामूली कमी आई है, फिर भी यह CPI Basket की प्रमुख वस्तुओं में सबसे ज्यादा महंगाई वाले आइटमों में बनी हुई है। इसके अलावा गोल्ड, डायमंड और प्लेटिनम ज्वेलरी में महंगाई अगस्त में बढ़कर 35.53% हो गई, जबकि जुलाई में यह 32.98% थी।
सेवा क्षेत्र से भी दबाव
अगस्त के CPI आंकड़ों से पता चलता है कि महंगाई का दबाव केवल खाने-पीने तक सीमित नहीं है। रेस्टोरेंट और होटल की महंगाई 8.38% रही। ट्रांसपोर्ट में 4.60%, शिक्षा सेवाओं में में 3.73% और कपड़े व जूते में 3.56% की महंगाई दर्ज हुई। सबसे ज्यादा महंगाई पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और विविध वस्तुओं और सेवाओं में महंगाई 15.17% रहीी।
RBI को महंगाई और बढ़ने की आशंका
RBI ने अपनी अगस्त की मौद्रिक नीति में FY27 के लिए महंगाई का अनुमान (Inflation Forecast) 5% कर दिया था, जो जून के अनुमान 5.1% से थोड़ा कम है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि आने वाले समय में हेड लाइन इनफ्लेशन बढ़ सकता है और तीसरी तिमाही में इसके पीक पर पहुंचने के बाद इसमें नरमी आ सकती है।
