भारत के प्राइवेट सेक्टर की रफ्तार धीमी, जुलाई 2026 में मार्च 2022 के बाद सबसे कमजोर ग्रोथ, HSBC PMI रिपोर्ट का दावा

Indian's Private Sector Growth: HSBC PMI रिपोर्ट के अनुसार जुलाई में भारत के निजी क्षेत्र की ग्रोथ मार्च 2022 के बाद सबसे धीमी रही। कमजोर मांग और प्रतिस्पर्धा से असर पड़ा, जबकि निर्यात और रोजगार में सुधार जारी रहा।

India's Private Sector Growth : भारत के निजी क्षेत्र की विकास रफ्तार जुलाई 2026 में और धीमी हो गई है। HSBC Flash PMI रिपोर्ट के अनुसार, चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कमजोर मांग के कारण देश में कारोबारी गतिविधियों का विस्तार मार्च 2022 के बाद सबसे धीमे स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, निर्यात ऑर्डर में मजबूती और रोजगार में बढ़ोतरी जैसे सकारात्मक संकेत भी देखने को मिले हैं।

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भारत के निजी क्षेत्र की ग्रोथ रफ्तार धीमा

PMI इंडेक्स गिरकर 54.3 पर पहुंचा

HSBC Flash India PMI Composite Output Index जुलाई में घटकर 54.3 रह गया, जबकि जून में यह 57.1 पर था। यह आंकड़ा बताता है कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की संयुक्त कारोबारी गतिविधियों की रफ्तार पहले के मुकाबले कमजोर हुई है। PMI इंडेक्स किसी देश के कारोबारी माहौल और उत्पादन की स्थिति को मापने का एक प्रमुख संकेतक होता है। 50 से ऊपर का आंकड़ा विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे गिरावट का संकेत देता है। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में निजी क्षेत्र की बिक्री और उत्पादन में बढ़ोतरी की गति 2022 की शुरुआत के बाद सबसे कमजोर रही।

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