Export: भारत के निर्यात में अप्रैल 2025 के दौरान 9.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल निर्यात बढ़कर 38.49 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग वस्तुओं के बेहतर प्रदर्शन के चलते हुई। हालांकि, इसी अवधि में आयात में तेज वृद्धि के कारण व्यापार घाटा बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हो गया, जो नवंबर 2024 के बाद से उच्चतम स्तर है।
भारत का निर्यात बढ़ा
आयात में तेज वृद्धि
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल और उर्वरकों के आयात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। अप्रैल में आयात 19.12% बढ़कर 64.91 अरब डॉलर हो गया। कच्चे तेल का आयात 25.6% बढ़कर 20.7 अरब डॉलर पहुंचा। सोने का आयात 4.86% बढ़कर 3.09 अरब डॉलर रहा।
निर्यात में इन क्षेत्रों ने दिखाई मजबूती
- निर्यात बढ़ाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:-
- इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं: 39.51% वृद्धि (3.69 अरब डॉलर)
- इंजीनियरिंग वस्तुएं: 11.28% वृद्धि (9.51 अरब डॉलर)
- अन्य: तंबाकू, कॉफी, समुद्री उत्पाद, चाय, चावल, सिले-सिलाये परिधान, रत्न-आभूषण, मसाले, पेट्रोलियम उत्पाद, और औषधियां
सेवाओं का व्यापार
- सेवा निर्यात: अप्रैल 2025 में बढ़कर 35.31 अरब डॉलर हो गया (पिछले साल 30.18 अरब डॉलर था)।
- सेवा आयात: बढ़कर 17.54 अरब डॉलर पहुंचा (अप्रैल 2024 में 16.76 अरब डॉलर था)।
वाणिज्य सचिव का बयान
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि यह साल भारत के निर्यात के लिए मजबूत शुरुआत लेकर आया है। उन्होंने कहा कि निर्यातकों ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला है और कारोबार में मजबूती हासिल की है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद हमें अच्छे वर्ष की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि 20 देशों और 6 वस्तुओं पर केंद्रित रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और मंत्रालय इसी दिशा में काम जारी रखेगा। कई मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) भी जल्द अंतिम चरण में पहुंचने वाले हैं।
निर्यातकों की प्रतिक्रिया
फियो (FIEO) के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा कि अप्रैल 2025 का व्यापार प्रदर्शन वित्त वर्ष की एक मजबूत शुरुआत का संकेत देता है। यह भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धी क्षमता और लचीलेपन को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक तनाव, मुद्रास्फीति, और आपूर्ति बाधाओं के बावजूद भारत का निर्यात क्षेत्र मजबूत बुनियादी ढांचे पर आधारित है। (भाषा इनपुट के साथ)
