India's oil import from OPEC at record low : इंडस्ट्री के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सस्ते रूसी कच्चे तेल (Crude Oil) की जबरदस्त खरीदारी के बीच भारत ने अप्रैल में तेल उत्पादकों के समूह OPEC से बहुत कम तेल (Crude Oil) खरीदा। भारत की OPEC से कच्चे तेल खरीदारी ऑल-टाइम लो पर पहुंच गई है।
भारत ओपेक से बहुत कम तेल आयात कर रहा
अप्रैल में भारत ने जितने तेल का आयात किया, उसमें ओपेक की हिस्सेदारी 46 फीसदी के अब तक के सबसे निचले स्तर तक गिर गई।
एक साल में भारी गिरावट
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक, जिसमें खास कर मध्य पूर्व और अफ्रीका के देश शामिल हैं, से अप्रैल 2022 में भारत ने अपने कुल तेल आयात का 72 फीसदी मंगाया था। ईटी की रिपोर्ट में एनर्जी कार्गो ट्रैकर वोर्टेक्सा के डेटा के हवाले से बताया गया है कि अप्रैल 2023 में यह हिस्सेदारी गिरकर 46 फीसदी रह गई है।
यानी भारत के कुल तेल आयात में ओपेक का हिस्सा 26 फीसदी घट गया है।
ये हैं मैन पॉइंट्स
- एक समय ओपेक से आता था 90 फीसदी तेल
- अब केवल 46 फीसदी तेल आ रहा ओपेक से
- रूस से आयात था 1 फीसदी से कम
- अब रूस से हो रहा 36 फीसदी आयात
90 फीसदी तक था हिस्सा
एक समय भारत द्वारा आयात किए गए कुल कच्चे तेल में ओपेक की 90 फीसदी हिस्सेदारी थी, लेकिन पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के बाद रूसी तेल डिस्काउंट पर उपलब्ध होने लगा। इसके बाद से ओपेक का भारत को होने वाला तेल निर्यात घटा है।
भारत ने अप्रैल में रोज 4.6 मिलियन बीपीडी (Barrel per day) तेल आयात किया। वोर्टेक्सा के मुताबिक इसमें ओपेक की हिस्सेदारी 2.1 मिलियन बैरल या 46 फीसदी की रही।
सऊदी अरब और इराक को झटका
भारत द्वारा आयात किए गए कुल कच्चे तेल के एक तिहाई से अधिक की सप्लाई के साथ रूस लगातार सातवें महीने भारत के लिए कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर बना रहा। रूस से भारत को कच्चे तेल का निर्यात अब इराक और सऊदी अरब की कुल सप्लाई से अधिक है। सऊदी अरब और इराक पिछले दशक में भारत के लिए सबसे बड़े तेल सप्लायर रहे हैं।
रूस से तेल आयात में कई गुना इजाफा
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने से पहले भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से कम थी। पर इस साल अप्रैल में ये बढ़कर 1.67 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गई, जो कुल आयात का 36 फीसदी हिस्सा है।
