International Women's Day: भारत में इंश्योरेंस को लेकर महिलाओं में रूचि बढ़ रही है। और अब वह बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों में तेजी से इंश्योरेंस करा रही है। इसमें भी हेल्थ इंश्योरेंस के प्रति महिलाओं में काफी जागरूकता बढ़ी है। इस बात का खुलासा पॉलिसी बाजार डॉट कॉम की एक रिसर्च रिपोर्ट में हुआ है। अहम बात यह है कि हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर जागरूकता सभी वर्गों में बढ़ी है। जिसकी वजह से इलाज खर्च का बड़ा हिस्सा इंश्योरेंस के जरिए कवर हो रहा है।
महिलाओं में हेल्थ इंश्योरेंस के प्रति बढ़ी जागरूकता
क्या कहती है रिपोर्ट
पॉलिसी बाजार डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में टियर-1 शहरों से लेकर टियर-3 शहरों में इंश्योरेंस को लेकर जागरूकता बढ़ी है। इसमें सबसे ज्यादा इंश्योरेंस कवरेज टियर-1 शहरों की महिलाएं ले रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुल इंश्योरेंस में टियर-1 शहरों की महिलाओं की हिस्सेदारी 57 फीसदी है। जबकि टियर-2 शहरों की 20 फीसदी और टियर-3 शहरों की महिलाओं की हिस्सेदारी 24 फीसदी रही है।
इसी तरह हेल्थ इंश्योरेंस की बात की जाय तो सबसे ज्यादा 18 फीसदी हेल्थ इंश्योरेंस की भागीदारी 55 साल से ज्यादा की उम्र की महिलाओं की है। इसके अलावा 45-54 उम्र की महिलाओं की 18 फीसदी हिस्सेदारी है। जबकि सबसे कम हिस्सेदारी 18-24 साल की उम्र की महिलाओं की है।
जरूरत के अनुसार चुने प्लान
महिलाओं में इंश्योरेंस के ट्रेंड पर पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के बिजनेस हेड (हेल्थ इंश्योरेंस) सिद्धार्थ सिंघल का कहना है कि महिलाओं को अक्सर कई तरह की स्वास्थ्य सबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिसमें मैटरिनिटी के दौरान होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, स्तन कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस और हृदय रोग आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसे देखते हुए इंडिविजुल प्लान और फैमिली फ्लोटर प्लान,ओपीडी कवर, मैटरनिटी कवर के विकल्प मौजूद हैं।
