Indian Economy Growth: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने गुरुवार को कहा कि भारत आने वाले दो दशकों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने हर वैश्विक संकट को अवसर में बदलने की क्षमता दिखाई है और यही वजह है कि दुनिया भर के निवेशक भारत में लंबे समय के निवेश के लिए उत्साहित हैं। सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने कहा कि व्यापार, विनिर्माण, उद्योग और निवेश के लिए भारत आज दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में शामिल है।
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा भारत (तस्वीर-istock)
संकट को अवसर में बदलने की ताकत
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार अपनी नीतियों और कारोबारी रणनीतियों में समय-समय पर बदलाव किए हैं। इसी वजह से देश ने हर चुनौती को विकास के अवसर में बदला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में दुनिया के कई बड़े निवेशकों से उनकी बातचीत हुई, जिसमें सभी ने भारत की विकास क्षमता और भविष्य को लेकर भरोसा जताया। गोयल ने कहा कि अब निवेशकों के सामने सवाल यह नहीं है कि उन्हें भारत में निवेश करना चाहिए या नहीं, बल्कि यह है कि वे भारत की विकास कहानी को कितनी जल्दी पहचानते हैं।
हुंडई की सफलता का उदाहरण
एएनआई के मुताबिक भारत की विकास क्षमता को समझाने के लिए मंत्री ने दक्षिण कोरिया की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी हुंडई का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में जब भारत का बुनियादी ढांचा अभी विकसित हो रहा था, तब हुंडई ने देश में 20 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। इसके बाद कंपनी ने भारत में वाहन निर्माण शुरू किया और धीरे-धीरे अपने कारोबार का विस्तार किया। गोयल के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में ही हुंडई को अपनी हिस्सेदारी के मूल्य में 12 से 13 अरब डॉलर से अधिक का लाभ मिला है। इसके अलावा कंपनी को रॉयल्टी, लाभांश और पूंजी के रूप में भी करीब 12 से 13 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है।
जेसीबी ने भी भारत पर जताया भरोसा
मंत्री ने ब्रिटेन की निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी जेसीबी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जेसीबी ने उस समय भारत में निवेश किया था जब देश में बुनियादी ढांचे का विकास शुरुआती चरण में था। आज कंपनी भारत में अपने उत्पादों का निर्माण कर रही है और यहां से करीब 130 देशों को निर्यात भी कर रही है। साथ ही वह तेजी से बढ़ते भारतीय बाजार की मांग को भी पूरा कर रही है। गोयल ने कहा कि हुंडई और जेसीबी जैसी कंपनियों ने शोर-शराबे के बजाय भारत की वास्तविक क्षमता पर भरोसा किया और आज उन्हें उसका बड़ा लाभ मिल रहा है।
भारत बन रहा वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अब केवल 140 करोड़ लोगों के घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है। देश तेजी से वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। भारतीय उद्योग अब दुनिया के विभिन्न देशों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की उत्पादन क्षमता, कुशल मानव संसाधन और बढ़ता बाजार विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रहा है।
व्यापार समझौतों से बढ़ेंगे अवसर
मंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं को शामिल करते हुए नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों से भारत को आवश्यक उत्पाद और सेवाएं प्राप्त होंगी, वहीं भारतीय निर्यात, निवेश और प्रतिभा के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि जिन निवेशकों ने भारत पर लंबे समय तक भरोसा बनाए रखा, उन्हें शानदार रिटर्न मिला है। भारत आज भी ऐसे निवेशकों के लिए बड़े अवसर प्रदान कर रहा है जो देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा में भागीदारी करना चाहते हैं।
