यूरिया खाद के मामले में भारत बनेगा आत्मनिर्भर, किसानों के हित में सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

मंत्रिमंडल ने एक करोड़ टन नई यूरिया क्षमता सृजित करने के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति को मंजूरी दी है। इससे आने वाले समय में यूरिया के मामले में दुनिया के दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना होगा।

देशभर के करोड़ों किसानों के हित में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने देश में सबसे अधिक खपत होने वाली यूरिया खाद के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने का फैसला लिया है। इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 को बुधवार को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य देश में एक करोड़ टन अतिरिक्त यूरिया उत्पादन क्षमता सृजित करना और सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले इस उर्वरक के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।

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8 से 9 यूरिया प्लांट लगाए जाएंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूर नए निवेश ढांचे के तहत प्राकृतिक गैस आधारित आठ से नौ नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले एक दशक में छह नए संयंत्र स्थापित होने से यूरिया आयात पर भारत की निर्भरता कम हुई है। आठ से नौ नए संयंत्रों की स्थापना से देश अपनी पूरी आवश्यकता की पूर्ति घरेलू स्तर पर कर सकेगा और इस उर्वरक के मामले में आत्मनिर्भर बन जाएगा।

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