विभिन्न देशों की सरकारी खरीद तक एमएसएमई की पहुंच के तरीकों पर विचार कर रहा है भारत

MSMEs to Access Government Procurement from various countries : किसी भी देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 10-15 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक खरीद का होता है, जो मूल्य के हिसाब से 10-15 हजार अरब डॉलर के आसपास हो सकता है।

MSMEs to Access Government Procurement from various countries : वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने सोमवार को कहा कि भारत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को विभिन्न देशों की सरकारी खरीद में भाग लेने में सक्षम बनाने के लिए मुक्त व्यापार समझौते जैसे तरीकों पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 10-15 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक खरीद का होता है, जो मूल्य के हिसाब से 10-15 हजार अरब डॉलर के आसपास हो सकता है।

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कई देश अपनी सार्वजनिक खरीद में एमएसएमई को प्राथमिकता देते हैं।

कई देश अपनी सार्वजनिक खरीद में एमएसएमई को प्राथमिकता देते हैं। बर्थवाल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘वास्तव में ऐसे कई तरीके हैं जिनके द्वारा कोई भी देश एमएसएमई को बढ़ावा देते हैं। हम उन्हें भारत में भी विशेष खरीद प्राथमिकता देते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि अधिक से अधिक एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते) पर हस्ताक्षर हो रहे हैं...हम यह भी देख रहे हैं...कैसे एमएसएमई...को विभिन्न देशों की सार्वजनिक खरीद तक पहुंच मिल सकती है, ताकि भारतीय कंपनियों को अवसर मिल सके। ...अन्य देशों के एमएसएमई हमारे पोर्टल तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।''

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