अब भारत ने कपड़ा उद्योग के लिए कर दिया ऐसा इंतजाम, बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की लग जाएगी लंका!

Free Trade Agreement: हाल ही में भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे “सभी समझौतों की जननी” कहा जा रहा है। इसके लागू होने के बाद भारत के कपड़ा, टेक्सटाइल और फुटवियर उत्पादों पर ईयू के टैरिफ लगभग समाप्त हो जाएंगे। फुटवियर पर 17% और कपड़ों पर 9-12% ड्यूटी अब शून्य होगी।

Free Trade Agreement : हाल ही में भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे सभी समझौतों की जननी कहा जा रहा है, क्योंकि यह दोनों पक्षों के लिए काफी बड़ा आर्थिक अवसर लेकर आया है। इस डील के लागू होने के बाद भारत के कपड़ा, टेक्सटाइल और फुटवियर उत्पादों पर ईयू के टैरिफ लगभग पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। उदाहरण के लिए, फुटवियर पर लगने वाली 17 प्रतिशत ड्यूटी और कपड़े एवं टेक्सटाइल पर 9-12 प्रतिशत की ड्यूटी अब शून्य हो जाएगी।

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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता और इसका महत्व, बांग्लादेश पर पहले एफटीए की लटकी तलवार (तस्वीर-istock)

बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग पर असर

भारत-ईयू FTA की वजह से बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। बांग्लादेश रेडीमेड गारमेंट का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है और दशकों से यूरोपीय बाजार में अपने उत्पाद बेचकर लाभ कमा रहा है। लेकिन अब भारत को मिलने वाले टैरिफ-फ्री एक्सपोर्ट के चलते बांग्लादेश का फायदा कम हो सकता है। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेशी मीडिया 'द डेली स्टार' ने बताया कि इस समझौते के लागू होने के बाद भारतीय कपड़े यूरोपीय बाजार में सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे, जिससे ढाका को मिलने वाला लंबे समय का लाभ खतरे में पड़ सकता है।

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