Mahila Samman Saving Certificate: महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र के निवेश पर भी देना होगा टैक्स ? जानें क्या हैं नियम

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 19, 2024, 01:26 PM IST

Mahila Samman Savings Certificate: महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र महिलाओं और लड़कियों के लिए एक नई छोटी बचत स्कीम है। यह दो वर्षों का प्लान है, जिसमें डाकघर के जरिये निवेश किया जाता है। निवेश से पहले यहां जानें इसके फायदे और नुकसान।

Mahila Samman Savings Certificate: महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र 01 अप्रैल 2023 से डाकघरों में 7.5% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर उपलब्ध है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण 2023-24 में महिलाओं और लड़कियों के लिए एक नई छोटी बचत योजना, महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र की घोषणा की थी। आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना की घोषणा की गई थी। महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र एक एकमुश्त योजना है जो अप्रैल 2023-मार्च 2025 तक 2 वर्षों के लिए उपलब्ध है। यह महिलाओं या लड़कियों के नाम पर एक निश्चित ब्याज दर 2 वर्षों के लिए अधिकतम 2 लाख रुपए तक की जमा सुविधा प्रदान करती है। अगर इसमें निवेश करने का प्लान कर रहे हैं तो इसकी खासियत और नुकसान जरूर जान लेना चाहिए।

Mahila Samman Saving Certificate

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र से पहले जान लें ये जरूरी बात

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (Mahila Samman Savings Certificate) की विशेषताएं

  • सरकार समर्थित स्कीम: महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है। इसलिए, इसमें कोई क्रेडिट जोखिम नहीं है।
  • पात्रता: महिला सम्मान बचत पत्र केवल किसी बालिका या महिला के नाम पर ही लिया जा सकता है। एक महिला या नाबालिग बच्ची के अभिभावक महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना खोल सकते हैं।
  • जमा सीमा: महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र के तहत न्यूनतम जमा राशि 100 रुपए के गुणक में 1000 रुपए है। एक खाते या खाताधारक के सभी महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र खातों में अधिकतम जमा राशि 2 लाख रुपए है। कोई महिला या बालिका का अभिभावक मौजूदा खाता खोलने के न्यूनतम तीन महीने के अंतराल के बाद दूसरा महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र खाता खोल सकता है।
  • मैच्योरिटी: महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र खाते की मैच्योरिटी अवधि दो वर्ष है। इस प्रकार खाता खोलने की तारीख से दो साल के बाद खाताधारक को मैच्योरिटी राशि का भुगतान किया जाएगा।
  • निकासी: महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना के तहत आंशिक निकासी की सुविधा प्रदान की जाती है। खाताधारक खाता खोलने की तारीख से एक वर्ष के बाद खाते की शेष राशि का 40% तक निकाल सकता है।
  • टैक्स लाभ: इस योजना के तहत प्राप्त ब्याज से स्रोत पर टैक्स कटौती (TDS) नहीं काटा जाता है। हालांकि सीबीडीटी ने नोटिफाई किया कि टीडीएस महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना पर लागू होगा। आयकर अधिनियम की धारा 194ए के मुताबिक टीडीएस तभी लागू होगा जब एक वित्तीय वर्ष में डाकघर बचत योजना से प्राप्त ब्याज 40,000 रुपए या 50,000 रुपए (सीनियर सिजिटन के मामले में) से अधिक हो। चूंकि इस योजना में दो वर्षों के लिए अधिकतम 2 लाख रुपए के निवेश पर ब्याज राशि 40,000 रुपए से अधिक नहीं है, इसलिए महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना के तहत प्राप्त ब्याज पर टीडीएस नहीं काटा जाता है।
  • महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र की ब्याज दर: इस योजना की निश्चित ब्याज दर 7.5% प्रति वर्ष है। जो अधिकांश बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और अन्य लोकप्रिय लघु बचत योजनाओं की तुलना में बहुत अधिक है। ब्याज त्रैमासिक जमा किया जाएगा और खाता बंद होने के समय भुगतान किया जाएगा।

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