How To Switch To New Tax Regime: 1 फरवरी 2025 को संसद में बजट 2025 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला जिसकी किसी को कोई उम्मीद नहीं थी। अधिकांश लोग 10 लाख तक की कमाई पर जीरो टैक्स की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन वित्त मंत्री ने 12 लाख तक की कमाई को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया। वित्त मंत्री द्वारा लिए गए इस फैसले का फायदा केवल वही लोग उठा सकते हैं जो नई टैक्स रिजीम में शामिल हैं। अब अधिकांश लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि ओल्ड टैक्स रिजीम से नई टैक्स रिजीम में कैसे स्विच कर सकते हैं? यहां आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।
बचाना है टैक्स, ओल्ड से नई टैक्स रिजीम में ऐसे करें स्विच
ओल्ड टैक्स रिजीम Vs नई टैक्स रिजीम
वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान पहली बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई टैक्स रिजीम व्यवस्था को पेश किया था। ओल्ड टैक्स रिजीम प्रमुख रूप से ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए है जो इंश्योरेंस प्रीमियम, घर का किराया भत्ता, PPF में इन्वेस्टमेंट और मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम के आधार पर टैक्स में छूट प्राप्त करते हैं। ओल्ड टैक्स रिजीम में 2.5 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता है, जबकि नई टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता है। आपके लिए कौन सी टैक्स व्यवस्था सही है, यह आप अपनी कमाई के तरीकों और किस व्यवस्था में आपको कितनी छूट मिलती है, के आधार पर तय कर सकते हैं।
ओल्ड टैक्स रिजीम में कैसे करें स्विच?
भारत सरकार ने सभी नागरिकों के लिए नई टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट बना दिया है। आसान भाषा में कहें, तो आपको अलग से नई टैक्स रिजीम को चुनने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर आप कमाई के बाद विभिन्न इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस प्रीमियम के आधार पर छूट प्राप्त करना चाहते हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि से पहले फॉर्म 10-IEA भर सकते हैं। वहीं, अगर आपने पहले ओल्ड टैक्स रिजीम का चुनाव किया था और अब आप फिर से नई टैक्स रिजीम में आना चाहते हैं तो आप ITR की डेडलाइन से पहले फॉर्म10-IEA को भरकर नई टैक्स रिजीम का चुनाव कर सकते हैं।
