आर्थिक संकट (Istock)
Financial Planning: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले अधिकांश लोगों को मंथली ईएमआई की चिंता लगी रहती है। इसकी वजह नौकरी जाने का डर होता है। कंपनी कब टाटा... बाय-बाय! बोल दें यह कहना मुश्किल होता है। हालांकि, इस खराब सिचुएशन से समय रहते सही प्लानिंग से बचा जाता है। अगर आप अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग सही से करते हैं तो नौकरी जाने के बाद भी EMI चुकाने और जरूरी खर्चों के लिए पैसे की कमी नहीं होगी। आइए जानते हैं कि इस बुरे सिचुएशन से निटपने के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
नौकरी जानें पर क्या करें, आइए जानते हैं:
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपकी नौकरी झटके में चली जाती है तो सबसे पहले आप अपने बैंक से संपर्क करें और 6-12 महीनों के लिए ऋण स्थगन (ईएमआई रोककर अस्थायी राहत) का अनुरोध करें। अधिकांश बैंक और वित्तीय संस्थान आर्थिक तंगी के दौरान यह सुविधा प्रदान करते हैं। यह आपको डिफॉल्टर होने से भी बचाता है, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर सुरक्षित रहेगा। अनुरोध करने के लिए बैंक के शिकायत निवारण या ग्राहक सेवा को एक ईमेल लिखें। बैंक को अपनी वर्तमान नौकरी की स्थिति स्पष्ट रूप से बताएं और अपने अनुरोध में नौकरी छूटने का प्रमाण संलग्न करें।
बुरे वक्त के लिए इमरजेंसी फंड जरूर रखें
अगर आपके पास सिंगल इनकम हैं तो इमरजेंसी फंड जरूर बनाकर रखें। यह आपको बुरे दौर में वित्तीय मदद देने का काम करेगा। अपनी अपनी कम से कम 6 मंथली खर्च जितना पैसा इमरजेंसी फंड में जरूर रखें। अगर आप ऐसा करते हैं तो न तो आपको अपनी ईएमआई चुकाने में परेशानी आएगी न ही घर चलाने में। आप आसानी से अपने सभी खर्चों का निर्वहन कर पाएंगे।
एक से ज्यादा इनकम पर काम करें
कभी भी सिंगल इनकम के भरोसे रहना ठीक नहीं होता है। इसलिए कोशिश करें कि आप एक से ज्यादा इनकम जनरेट कर पाएं। ऐसा करने से आप अपनी वित्तीय स्थिति को आसानी से मजबूत कर पाएंगे। वहीं संकट में भी पैसे की कमी नहीं होगी।
