Trump Tariff Impact on US Market: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने दुनिया भर के बाजारों को हिला दिया है। ट्रंप ने 1 अगस्त से 70 से ज्यादा देशों के उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जिसका सीधा असर अमेरिका के शेयर बाजार और वहां के अरबपतियों की संपत्ति पर देखने को मिला। ट्रंप के इस टैरिफ फैसले ने अमेरिकी बाजारों को गहरे लाल रंग में डुबो दिया है। अरबों डॉलर की संपत्ति एक ही दिन में स्वाहा हो गई।
Mark Zukerberg Elon Musk (Pic Credit: istock/ Canva)
वॉल स्ट्रीट में मची बिकवाली
भारतीय समयानुसार जब शुक्रवार को अमेरिकी बाजार खुले, तो निवेशकों में हड़कंप मच गया। भारी बिकवाली की वजह से प्रमुख इंडेक्स डॉव जोन्स 542 अंक लुढ़ककर 43,588.58 पर बंद हुआ। टेक्नोलॉजी-हैवी इंडेक्स नेस्डैक लगभग 2.5% गिरा, जबकि S&P 500 भी 101 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट का सबसे बड़ा असर उन कंपनियों और कारोबारियों पर पड़ा जिनकी संपत्ति शेयर मार्केट से जुड़ी होती है।
अमीरों की दौलत में भारी गिरावट
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की नेटवर्थ में एक ही दिन में 4 अरब डॉलर (करीब 33,000 करोड़ रुपये) की गिरावट दर्ज की गई। उनकी संपत्ति अब 352 अरब डॉलर रह गई है। जेफ बेजोस को सबसे बड़ा झटका लगा। उनकी दौलत में 18 अरब डॉलर (करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये) की कमी आई है। मार्क जुकरबर्ग की नेटवर्थ में 8 अरब डॉलर और लैरी एलिसन की संपत्ति में 10 अरब डॉलर की गिरावट देखी गई। ट्रंप के टैरिफ फैसले के चलते केवल सरकारों और कंपनियों को ही नहीं, बल्कि अमेरिका के सबसे बड़े उद्योगपतियों को भी तगड़ा झटका लगा है।
टेस्ला के शेयरों में गिरावट
एलन मस्क की प्रमुख कंपनी टेस्ला के शेयरों पर भी इस गिरावट का असर साफ दिखा। शुक्रवार को नेस्डैक पर लिस्टेड टेस्ला के शेयरों में करीब 2% की गिरावट आई और यह 302.63 डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन में ही इसमें 5.64 डॉलर की कमी आई है। पिछले 5 कारोबारी दिनों में टेस्ला के शेयर करीब 5% टूट चुके हैं। निवेशकों को इस गिरावट से बड़ा नुकसान हुआ है और कंपनी का मार्केट कैप भी प्रभावित हुआ है।
क्या है ट्रंप का टैरिफ फैसला?
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाले विदेशी उत्पादों पर 25% तक का टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह कदम उन देशों पर दबाव बनाने के लिए है जो रूस या चीन के साथ व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी रखते हैं। भारत भी इस टैरिफ की चपेट में है क्योंकि वह रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता है और BRICS जैसे ग्रुप्स में एक्टिव भूमिका निभाता है।
