शेयर बाजार से की कमाई तो इनकम टैक्स रिटर्न में कौन सा फॉर्म भरना होगा?

सैलरी और शेयर बाजार दोनों से कमाई करने वालों के लिए सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है। कमाई अगर 1.25 लाख रुपये तक है तो ITR-1 सबसे आसान और सही विकल्प है। लेकिन सीमा से ज्यादा कैपिटल गेन होने पर ITR-2 भरना ही सुरक्षित है। सही फॉर्म से न सिर्फ टैक्स फाइलिंग आसान होती है, बल्कि पेनल्टी या नोटिस का खतरा भी नहीं रहता।

नौकरीपेशा लोग आमतौर पर हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते हैं। लेकिन अब लोगों का रुझान शेयर बाजार की तरफ भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सैलरी के साथ अगर किसी को शेयर बेचकर कैपिटल गेन (Capital Gain) की कमाई होती है, तो टैक्स फाइलिंग का तरीका थोड़ा बदल जाता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसे लोगों को कौन सा ITR फॉर्म भरना चाहिए।

ITR 1

कब चुनें ITR-1?

ITR-1 सबसे आसान और बेसिक फॉर्म है। इसे आमतौर पर नौकरीपेशा लोग भरते हैं। अगर आपकी कमाई सिर्फ सैलरी, पेंशन या बैंक ब्याज से है तो आपके लिए यही फॉर्म सही है। एक घर से मिलने वाली रेंटल इनकम भी ITR-1 में दिखाई जा सकती है।

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