How To Imporove IPO Allotment Chances: इस समय शेयर बाजार में आईपीओ (IPO) की बहार है। एक-एक दिन में एक साथ कई कंपनियों के आईपीओ इश्यू खुल रहे हैं। मेनबोर्ड कंपनियों के साथ-साथ एसएमई (SME) कंपनियां भी अपने आईपीओ ला रही हैं। मगर अधिकतर पैसा लगाने वालों को शेयर नहीं मिलते। फिर जब वही शेयर अच्छे प्रीमियम के साथ लिस्ट होता है तो ऐसे लोगों को शेयर न मिलने का मलाल होता है। कोई आईपीओ जितना अधिक सब्सक्राइब होता है, निवेशकों को शेयर मिलने के चांस उतने ही कम हो जाते हैं। मगर कुछ टिप्स हैं, जिनकी मदद से आप आईपीओ में शेयर मिलने के चांस बढ़ा सकते हैं।
कैसे मिलेंगे आईपीओ में शेयर
पहले समझिए कैटेगरी
हर आईपीओ में थोड़े-थोड़े शेयर अलग-अलग कैटेगरी के लिए रिजर्व होते हैं। इन कैटेगरियों में क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और रिटेल निवेशकों शामिल हैं।
जाहिर सी बात है कि जिस कैटेगरी के लिए ज्यादा शेयर रिजर्व होंगे, उस कैटेगरी के निवेशकों को शेयर मिलने की उतनी अधिक उम्मीद रहेगी। इसलिए आपको आवेदन करते समय ही खासकर रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी पर नजर रखनी चाहिए।
कैसे बढ़ेंगे शेयर मिलने के चांस
कोई भी रिटेल कैटेगरी में अधिकतम 2 लाख रुपये तक लगा सकता है। मगर नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में ये लिमिट 2 लाख रुपये से अधिक होती है। हालांकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में दो सब-कैटेगरी होती हैं। पहला स्मॉल एनआईआई , जो कि 10 लाख तक का निवेश कर सकते हैं और दूसरी बिग एनआईआई जो 10 लाख रुपये से ज्यादा भी लगा सकते हैं।
यहीं पर जानकार मानते हैं यदि निवेशक बिग एनआईआई कैटेगरी में आवेदन करें तो शेयर मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। इस कैटेगरी का फायदा यह है कि यदि ओवरसब्सक्रिप्शन हुआ तो भी आपको कम से कम 2 लाख रुपये तक के शेयर मिल सकते हैं।
ये भी है खास टिप्स
यदि आप एक से अधिक लॉट के लिए आवेदन कर रहे हैं तो सबके के लिए एक डीमैट खाते से अप्लाई न करें। वरना 5 लॉट के लिए भी आवेदन एक ही माना जाएगा। बल्कि परिवार के लोगों के डीमैट खाते से ट्राई करें। इससे भी शेयर मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
