Times Now Summit 2024: मेरे पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं, जानें- ED, केजरीवाल-इलेक्टोरल बॉन्ड पर क्या बोलीं- निर्मला सीतारमण

Times Now Summit 2024: टाइम्स नाउ समिट- इंडिया अनस्टॉपेबल (India Unstoppable) के मंच पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिरकत की। वित्त मंत्री ने अपने चुनाव लड़ने से लेकर ED की विपक्ष पर कार्रवाई, अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और इलोक्टोरल बॉन्ड पर बात की।

Times Now Summit 2024: टाइम्स नाउ समिट- इंडिया अनस्टॉपेबल (India Unstoppable) के मंच पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिरकत की। टाइम नेटवर्क की ग्रुप एडिटर और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम किसी और पार्टी से नेताओं को तोड़ नहीं रहे हैं, बल्कि वो खुद आ रहे हैं और हम उनका बीजेपी में स्वागत कर रहे हैं। यह सेशन देश के आर्थिक मुद्दे से ज्यादा आने वाले राजनीति पर अधिक केंद्रित था। वित्त मंत्री ने अपने चुनाव लड़ने से लेकर ED की विपक्ष पर कार्रवाई, अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और इलोक्टोरल बॉन्ड पर बात की। साथ ही कांग्रेस के खातों को फ्रीज करने से लेकर विपक्ष की सियासत पर भी खुलकर बात की।

Nirmla Sitharaman

बीजेपी में सभी का स्वागत है

निर्मला सीतारमण ने कहा कि असली विकास हमेशा होता रहता है और यह एक सतत प्रक्रिया है। जब वित्त मंत्री से पूछा गया कि आपकी पार्टी में ऐसे नेताओं की एंट्री हो रही है, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इसपर उन्होंने कहा कि पार्टी सभी का स्वागत करती है और इतिहास गवाह है कि हमारे मूल विचार में किसी भी तरह का बदलाव नहीं आता है। इसी तरह उन्होंने भाजपा के 370 लोकसभा सीटें जीतने के लक्ष्य पर कहा कि हमारी सरकार के 10 साल के काम जमीन पर नजर आ रहे हैं। इसलिए हमें भरोसा है कि इस लक्ष्य को हासिल करेंगे।

विपक्ष के नेताओं पर ED और CBI का एक्शन

विपक्ष के नेताओं पर ED और CBI जैसी एजेंसियों की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि एक भी ऐसा मामला नहीं है, जिसके सबूत न हों। नेताओं के घरों से पैसे जब्त हो रहे हैं और जो लोग यह कहते हैं कि यह सब मोदी सरकार के इशारे पर हो रहा है, वह यह भूल जाते हैं कि एक समय इन्हीं एजेंसियों को पिंजरे में बंद तोता कहा जाता था। 2014 के पहले की सरकार में एजेंसी ने अपना काम नहीं किया, तब उन्हें पिंजरे में बंद तोता कहा जाता था। तब एजेंसियां सिर्फ गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के यहां पूछताछ करने जाती थीं।

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