₹50 लाख के होम लोन पर ऐसे करें 15 लाख रुपये की बचत, जानें यह स्मार्ट तरीका

Home Loan Saving tips: फिक्स्ड रेट को फ्लोटिंग रेट में बदलकर आप होम लोन पर बड़ी बचत कर सकते हैं। अगर आप अभी भी फिक्स्ड रेट होम लोन व्यवस्था में फंसे हुए हैं, तो आपके पास फ्लोटिंग रेट में स्विच करने का विकल्प है। आरबीआई ने बैंकों को फ्लोटिंग और फिक्स्ड रेट के बीच स्विच करने का विकल्प देने का आदेश दिया है।

Home Loan Saving tips: होम लोन लेना बड़ा वित्तीय फैसला होता है। ऐसा इसलिए कि घर की कीमत लाखों में होने से होम लोन की अवधि 20 से 25 साल तक होती है। इसलिए ब्याज का बोझ काफी होता है। अगर हम 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए लेते हैं तो लोन खत्म होने तक बैंक को करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक चुकाते हैं। प्रॉपर्टी की कीमत काफी बढ़ जाने के बाद आज के समय में बिना होम लोन लिए घर खरीदना संभव नहीं है। हालांकि, अगर कुछ बातों का ख्याल रखा जाए तो होम लोन ईएमआई का बोझ आसानी से कम किया जा सकता है। साथ ही लोन अवधि में कई लाख रुपये का ब्याज देने से बचा जा सकता है। आइए आपको बताते हैं वो स्मार्ट ट्रिक जिसका इस्तेमाल कर आप आसानी से कई लाख रुपये की बचत कर सकते हैं।

होम लोन

होम लोन

होम लोन हमेशा फ्लोटिंग रेट पर लें

फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि होम लोन लंबी अवधि में चुकाया जाता है। इसलिए बहुत सारे लोग फिक्स्ड रेट विकल्प को चुन लेते हैं। उनको लगता है कि भविष्य में अगर ब्याज दर बढ़ी तो ईएमआई अधिक चुकानी होगी। इससे वित्तीय बोझ बढ़ेगा। इस डर से बहुत सारे होम बायर्स फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लेने से बचते हैं। हालांकि, यह सही नहीं है। होम लोन पर फिक्स्ड रेट ब्याज आमतौर पर उनके फ्लोटिंग रेट की तुलना में 1-2% अधिक ब्याज दर के साथ आता है। इससे ईएमआई बढ़ जाती है। वहीं,एमसीएलआर-लिंक्ड फ्लोटिंग रेट जो अब रेपो रेट-लिंक्ड ईबीएलआर में बदल गया है, वह कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराता है। इसकी ब्याज दर फिक्स्ड रेट की तुलना में 2% तक कम होती है।

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