how to identify a genuine loan recovery agent: अगर आप लोन की EMI तय समय पर पे करना भूल गए हों या आपका अकाउंट डिफॉल्ट स्थिति में हो तो आपको लोन रिकवरी एजेंट का कॉल आ सकता है। ऐसे में डरने के बजाय आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि लोन रिकवरी एजेंट के पास क्या अधिकार हैं और वे क्या कार्रवाई कर सकते हैं।
Loan Recovery Agent से डरें नहीं, समझदार बनें (Photo: AI Generated)
लोन रिकवरी एजेंट की पहचान
सबसे पहले तो आपको यही समझने की जरूरत है कि आपको लोन रिकवरी एजेंट के नाम पर आने वाले हर कॉल से डरने की जरूरत नहीं है। यह बेहद जरूरी है कि ईएमआई न भर पाने की स्थिति में आप लोन रिकवरी एजेंट से ही बात करें। असली रिकवरी एजेंट हमेशा बैंक या फाइनेंस कंपनी द्वारा नियुक्त और प्रमाणित होते हैं। उन्हें अपना आधिकारिक आईडी कार्ड और पत्र दिखाना अनिवार्य है। अगर कोई एजेंट बिना पहचान पत्र के घर या कॉल पर संपर्क करता है, तो यह स्कैम या फ्रॉड होने की संभावना हो सकती है। असली एजेंट केवल डिफॉल्टर से संपर्क कर सकते हैं और उनकी पहचान को छिपाना या निजी जानकारी का दुरुपयोग करना कानूनन अपराध है।
एजेंट का व्यवहार और अधिकार
अब समझें कि आपके प्रति एजेंट का व्यवहार कैसा होगा। कई लोग सोचते हैं कि एजेंट के पास घर आने, धमकाने या अपमानित करने का अधिकार है। दरअसल, यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। RBI और बैंक नियमों के अनुसार, एजेंट केवल शांति से संपर्क कर सकते हैं, भुगतान की मांग कर सकते हैं और वैलिड रसीद जारी कर सकते हैं।
एजेंट नहीं कर सकते ऐसा व्यवहार
लोन रिकवरी एजेंट को आपके घर या ऑफिस में आकर किसी भी प्रकार की धमकी या डराने-धमकाने का अधिकार नहीं होता। उनका काम केवल नियमों के तहत भुगतान की जानकारी देना और समाधान सुझाना है। एजेंट फोन कॉल, SMS या ईमेल के जरिए अपमानजनक या धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता। नियमों के अनुसार वे केवल भुगतान याद दिलाने या लोन के विकल्प सुझाने के लिए संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, एजेंट के पास आपका पर्सनल डेटा जैसे बैंक विवरण, पता या संपर्क नंबर को सार्वजनिक करने का कोई अधिकार नहीं है।
स्कैम से बचाव जरूरी
अगर कोई एजेंट पहचान पत्र नहीं दिखाता या अनौपचारिक तरीके से दबाव डालता है आप डरें नहीं बल्कि बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या RBI शिकायत पोर्टल का इस्तेमाल करें। किसी भी फर्जी कॉल या ईमेल में अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
