घर खरीदना हर किसी के लिए बड़ी जिम्मेदारी और सपना होता है। लेकिन जब हम होम लोन लेने जाते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर बैंक हमारी सैलरी के आधार पर कितना लोन देगा। कई लोग अंदाज़ा लगाकर चलते हैं, लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग होती है। मान लीजिए अगर आपकी सैलरी 50 या 60 हजार रुपए महीना है तो बैंक आपको कितना लोन देगा आइए जानते हैं सैलरी के हिसाब से लोन और EMI कैलकुलेशन...
बैंक कैसे तय करते हैं लोन अमाउंट?
बैंक आपकी पूरी सैलरी को EMI नहीं मानते। आमतौर पर वे मानकर चलते हैं कि आपकी मासिक आय का 40%–50% तक आप लोन चुकाने में खर्च कर सकते हैं। यानी अगर आपकी सैलरी ₹40,000 है, तो बैंक मान लेगा कि आप ₹16,000–20,000 तक की EMI आराम से भर सकते हैं। अब यही EMI जब 20 साल के होम लोन टेन्योर और ब्याज दर से जुड़ती है, तो उससे लोन अमाउंट तय होता है।
एक उदाहरण समझिए
मान लीजिए आपकी सैलरी ₹50,000 है। बैंक 45% को EMI मानता है यानी करीब ₹22,500। अगर ब्याज दर 9% और टेन्योर 20 साल है, तो आपको लगभग ₹22–25 लाख का होम लोन मिल सकता है। अगर आपकी सैलरी ₹1 लाख है, तो EMI की क्षमता ₹40,000–45,000 होगी, और उसी हिसाब से आपको करीब ₹40–50 लाख का होम लोन मिल सकता है।
किन बातों पर और असर पड़ता है?
सिर्फ सैलरी से ही लोन अमाउंट तय नहीं होता। बैंक कई और फैक्टर भी देखते हैं
- क्रेडिट स्कोर: अगर आपका CIBIL स्कोर 750+ है, तो आपको ज्यादा और बेहतर ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।
- मौजूदा कर्ज: अगर पहले से पर्सनल लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड की बड़ी बकाया राशि है, तो बैंक आपके लोन अमाउंट को घटा देगा।
- नौकरी की स्थिरता: सरकारी नौकरी या स्थिर कंपनी में काम करने वालों को बैंक ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं।
- उम्र: कम उम्र में लोन लेने पर टेन्योर लंबा मिलता है, जिससे लोन अमाउंट भी बढ़ जाता है।
ऑनलाइन कैलकुलेटर
आजकल लगभग हर बैंक और NBFC अपनी वेबसाइट पर होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर देते हैं। इसमें बस आपको अपनी सैलरी, उम्र, और टेन्योर डालना होता है। तुरंत स्क्रीन पर आ जाता है कि आप कितने तक का लोन लेने के हकदार हैं। इससे न सिर्फ आपका समय बचता है बल्कि घर खरीदने से पहले आप अपने बजट को सही तरह से प्लान कर पाते हैं।
